, Feb. 18 -- कृषि निदेशक ने स्पष्ट किया कि राज्य में उर्वरकों की कोई कमी नहीं है तथा उर्वरक वितरण से संबंधित शिकायतों पर विभाग द्वारा सतत निगरानी एवं त्वरित कार्रवाई की जा रही है। कृषि यांत्रीकरण को बढ़ावा देने के लिए आधुनिक पॉप कृषि मशीनें अनुदानित दरों पर उपलब्ध कराई जा रही हैं।

इस अवसर पर उद्यान निदेशक अभिषेक कुमार ने बताया कि छोटे एवं सीमांत किसानों की आय में सतत वृद्धि सुनिश्चित करने के लिए क्लस्टर आधारित खेती की रणनीति को प्रभावी ढंग से लागू किया जा रहा है। इससे उत्पादन की लागत में कमी, तकनीकी मार्गदर्शन की सहज उपलब्धता तथा विपणन की बेहतर व्यवस्था संभव हो सकेगी। उन्होंने कहा कि कृषि आधारित स्टार्टअप, प्रसंस्करण इकाइयों एवं सुदृढ़ कोल्ड चेन अवसंरचना के विकास पर विशेष जोर दिया जा रहा है, जिससे किसानों को भंडारण, मूल्य संवर्धन एवं बाजार तक सीधी पहुँच सुनिश्चित हो और उनकी उपज का उचित मूल्य मिल सके।

श्री कुमार ने कहा मखाना उत्पादन को और अधिक सशक्त एवं प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए कृषि वैज्ञानिकों द्वारा विकसित आधुनिक मखाना पॉपिंग मशीन शीघ्र ही किसानों को उपलब्ध कराई जाएगी। इस तकनीक के माध्यम से प्रसंस्करण प्रक्रिया अधिक वैज्ञानिक, त्वरित एवं श्रम-सुलभ होगी, जिससे गुणवत्ता में सुधार के साथ किसानों की आय में भी उल्लेखनीय वृद्धि होगी।

विपणन निदेशालय के निदेशक शैलेन्द्र कुमार ने बताया कि कृषि विभाग द्वारा राज्य के बाजार प्रांगणों के जीर्णोद्धार, आधुनिकीकरण एवं नए बाजार परिसरों के निर्माण का कार्य प्राथमिकता के आधार पर किया जा रहा है। इन पहलों से किसानों को अपने कृषि उत्पादों के सुरक्षित भंडारण, सुव्यवस्थित प्रदर्शन एवं सुगम विक्रय की बेहतर सुविधाएँ उपलब्ध हो रही हैं, जिससे उन्हें उचित मूल्य प्राप्त करने में सहायता मिल रही है।

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