, March 12 -- इस अवसर पर, भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई)-(बिहार राज्य परिषद) के अध्यक्ष गौरव साह ने कहा कि कृषि विभाग और सीआईआई के सहयोग से एग्रो बिहार 2026 का सफल आयोजन किया जा रहा है, जो पिछले 13 वर्षों से चली आ रही एक ऐतिहासिक साझेदारी की निरंतरता है। उन्होंने कहा कि पूर्वी भारत के सबसे बड़े कृषि और कृषि यंत्रीकरण मेले के रूप में, इस कार्यक्रम ने एक बार फिर नवाचार के प्रमुख केंद्र के रूप में अपनी पहचान बनाई, जिसमें स्थानीय किसानों को सशक्त बनाने के लिए अत्यंत प्रभावशाली श्किसान पाठशालाश् का आयोजन किया गया।
श्री साह ने बिहार सरकार के कृषि मंत्री राम कृपाल यादव के प्रति हार्दिक अभिनंदन व्यक्त किया। उन्होंने उद्योग और कृषि अर्थव्यवस्था के आधारभूत बिंदुओं के निर्बाध एकीकरण की वकालत की। उन्होंने उल्लेख किया कि बिहार के औद्योगिक क्षेत्र का विकास सीधे तौर पर कृषि क्षेत्र की उन्नति से जुड़ा हुआ है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि मूल्यवर्धन, आधुनिक यंत्रीकरण और सहायक सरकारी योजनाओं के माध्यम से, उद्योग जगत बिहार के विशाल प्राथमिक संसाधनों का उपयोग कर पूरे क्षेत्र में स्थायी आर्थिक समृद्धि ला सकता है।
मेला में आज पहले दिन आत्मा योजना के माध्यम से पटना एवं मगध प्रमण्डल के सभी जिलों से तीन हजार से अधिक किसानों सहित राज्य के विभिन्न जिलों से लगभग 18000 किसानों एवं आम जनों ने अतिआधुनिक एवं उपयोगी कृषि यंत्रों की प्रदर्शनी का अवलोकन तथा जानकारी प्राप्त की। राज्यस्तरीय इस यांत्रिकरण मेला में देश के विभिन्न यंत्र निर्माता, प्रतिष्ठानों तथा आईआईटी पटना सहित सरकारी एवं अर्द्धसरकारी संस्थानों के कुल 128 से अधिक स्टॉल लगाये गये हैं। स्टेट पवेलियन में कृषि एवं कृषि संबद्ध प्रक्षेत्र से संबंधित स्टॉल पर प्रर्दश को प्रदर्शित एवं विक्री किये जाने के लिये 28 स्टॉल स्थापित किये गये है। जिसमें विभिन्न उत्पाद जैसे मखाना, ड्रोन, शहद, जैविक उत्पाद, जैविक कम्पोस्ट, गन्ना उत्पाद, कॉपरेटिव एवं पौधा, सब्जी पौधा, बिहार कृषि ऐप, का स्टॉल लगाया गया है।
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