, March 12 -- इस मेला में कृषि यंत्रों के अतिरिक्त उद्यान, बिहार राज्य बीज निगम, पौधा संरक्षण, भूमि संरक्षण, बामेती, डिजिटल क्रॉप सर्वे, बिहार कृषि विश्वविद्यालय, डॉ. राजेन्द्र प्रसाद केन्द्रीय कृषि विश्वविद्यालय, प्रसस्ंकृत कृषि उत्पादों आदि का प्रदर्शन एवं बिक्री किया जा रहा है। साथ ही, एग्रो प्रोसेसिंग यंत्रों की भी बिक्री एवं प्रदर्शन किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त इस मेला में डेयरी, मत्स्य एवं संसाधन विभाग, कॉम्फेड, सहकारिता विभाग, उद्योग विभाग, गन्ना उद्योग विभाग, सीडब्ल्यूसी द्वारा स्टॉल लगाये गये हैं।
मेला परिसर में प्रत्येक दिन किसान पाठशाला का आयोजन भी किया जा रहा है। इस क्रम में आज प्रतिभागी किसानों को कृषि वैज्ञानिकों एवं विभागीय पदाधिकारियों द्वारा कृषि यांत्रिकरण योजना की जानकारी के साथ-साथ उपयोगी कृषि यंत्रों (बुआई से कटाई तक) का उपयोग, परिचालन एवं रख-रखाव, कृषि यांत्रिकरण योजना अन्तर्गत ऑन-लाईन आवेदन करने की प्रक्रिया, पात्रता एवं अनुदान का लाभ प्राप्त करने की प्रक्रिया, भुगतान से संबंधित सॉफ्टवेयर तथा फसल अवशेष प्रबंधन के उपयोगी यंत्रों की भी जानकारी दी गई।
आज इस मेला में 130 कृषि यंत्रों पर कुल 59.52 लाख रूपये से अधिक का अनुदान दिया गया। इन कृषि यंत्रों का बाजार मूल्य लगभग 1.53 करोड़ रूपये से अधिक है। इस प्रकार मेला में किसानों को कृषि यंत्रों का प्रदर्शन, तकनीकी ज्ञान एवं उन्हें अनुदानित दर पर क्रय करने का लाभ एक ही साथ मिल रहा है। साथ ही, कृषि एवं कृषि से संबद्ध क्षेत्रों की तमाम योजनाओं/क्रियाकलापों की जानकारी इस मेले में किसानों, व्यवसायियों एवं अन्य स्टेक होल्डर्स को मिलेंगे। इस मेले में प्रवेश के लिये किसी तरह का शुल्क नहीं लगेगा। कोई भी किसान स्वेच्छा से इस प्रदर्शनी/मेला में भाग ले सकते हैं। इस प्रकार मेला में किसान भाई-बहन उन्नत एवं आधुनिक कृषि यंत्रों के उपयोग से संबंधित जानकारी प्राप्त करते हुए उसे क्रय कर अपनी आमदनी एवं जीवन शैली में गुणात्मक वृद्धि कर पायेंगे।
लगभग दो लाख से अधिक वर्ग फीट क्षेत्र में लगे इस मेले में 100 से अधिक स्टॉल लगाये गये हैं।
इस प्रदर्शनी में बिहार के अलावे हरियाणा, गुजरात, महाराष्ट्र, राजस्थान, पंजाब, गुजरात, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल के कृषि यंत्र निर्माता भाग ले रहे हैं।राज्य एवं राज्य के बाहर के वरीय पदाधिकारी, वैज्ञानिक, बुद्धिजीवी, उद्यमी भी मेला में भाग लेंगे।प्रत्येक दिन किसान पाठशाला में किसानों को बुआई से कटाई तक के नवीनतम कृषि यंत्र, फसल अवशेष प्रबंधन के यंत्र, बागवानी से संबंधित कृषि यंत्र, ड्रोन की उपयोगिता एवं महत्व, सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली का महत्व, खरपतवार नियंत्रक एवं निकाई-गुराई संबंधित यंत्र तथा कृषि यंत्रों की कार्य क्षमता बढ़ाने के लिए कल-पूर्जों के रख-रखाव एवं अन्य संबंधित विषयों पर प्रशिक्षण दिया जायेगा।
मेला परिसर में चलन्त मिट्टी जाँच प्रयोगशाला के माध्यम से किसानों उर्वरक की समुचित प्रयोग के लिये जानकारी दी जा रही है। मेले में खाद्य एवं प्रसंस्करण, पशुपालन, गन्ना उद्योग, उद्योग विभाग, सहकारिता, कॉम्फेड के द्वारा भी अपनी-अपनी योजनाओं/क्रियाकलापों को किसानों के लिए प्रदर्शित किया जा रहा है।
इस मेला में कृषि यंत्रों के निर्माताओं एवं बिक्रेताओं की व्यावसायिक बैठक का आयोजन भी किया जायेगा। साथ ही यंत्र निर्माताओं एवं विभाग के वरीय पदाधिकारियों की बैठक का आयोजन किया जायेगा।मेला परिसर में कला, संस्कृति एवं युवा विभाग द्वारा प्रतिदिन कृषकों/आगंतुकों के मनोरंजन के लिए सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया जायेगा।
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