पटना , जुलाई 28 -- ाज्य में सहकारिता आधारित व्यापार को बढ़ावा देने के लिए बिहार राज्य विपणन सहकारी फेडरेशन लिमिटेड का गठन किया जा रहा है। इसके लिए सहकारिता विभाग ने राज्य की इच्छुक सहकारी समितियों से सदस्यता प्राप्त करने के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 20 अगस्त है।
इस नए फेडरेशन का उद्देश्य कृषि और अन्य उत्पादों के संग्रहण, भंडारण, प्रसंस्करण, परिवहन और विपणन की समुचित व्यवस्था करना है, जिससे उत्पादक सहकारी समितियों एवं उनके सदस्य किसानों को उपज का अधिकतम लाभ मिल सके। इसके मुख्य कार्य-क्षेत्रों में संग्रहण, भंडारण, प्रसंस्करण, परिवहन, विपणन तथा आपसी सहयोग व समन्वय शामिल हैं।
इच्छुक समितियां अपने प्रमंडल के संयुक्त निबंधक, सहयोग समितियां के कार्यालय में सदस्यता शुल्क और शेयर राशि जमा कर आवेदन कर सकती हैं। पात्र समितियों में प्रमंडल स्तरीय विपणन सहकारी संघ, प्रखंड स्तरीय व्यापार मंडल सहयोग समितियां, अन्य केंद्रीय सहकारी समितियां एवं केंद्रीय सहकारी बैंक शामिल हैं। फेडरेशन का सदस्यता शुल्क 1,000 रुपये है, वहीं इसके एक शेयर का मूल्य 20,000 रुपये है। इस प्रकार कुल देय राशि 21,000 रुपये है। प्रत्येक सदस्य को न्यूनतम एक शेयर खरीदना अनिवार्य है।
फेडरेशन के पंजीकरण से पूर्व सदस्य बनने वाली समितियों को संस्थापक सदस्य का दर्जा प्राप्त होगा। साथ ही, फेडरेशन के 17 सदस्यीय प्रथम निदेशक मंडल में शामिल होने का अवसर भी प्राप्त होगा। अधिक जानकारी के लिए बिहार राज्य विपणन सहकारी फेडरेशन लिमिटेड, विकास भवन, पटना (सहकारिता विभाग) एवं मोबाइल नंबर 8210007605 पर संपर्क किया जा सकता है।
फेडरेशन की अधिकृत अंश पूंजी 500 करोड़ रुपये निर्धारित की गई है। फेडरेशन का निदेशक मंडल कुल 17 सदस्यों का होगा, जिसमें एक अध्यक्ष, 13 निर्वाचित निदेशक तथा 3 पदेन या नामित निदेशक शामिल होंगे। अध्यक्ष का निर्वाचन लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत किया जाएगा तथा अध्यक्ष पद अनारक्षित रहेगा। निदेशक मंडल में प्रमंडल स्तरीय विपणन संघों, व्यापार मंडल सहयोग समितियों एवं केंद्रीय सहकारी समितियों को समुचित प्रतिनिधित्व प्रदान किया गया है। साथ ही, सहकारिता प्रशासन एवं विपणन क्षेत्र के विशेषज्ञों को भी निदेशक मंडल में स्थान दिया जाएगा।
सहकारिता विभाग के अनुसार निदेशक मंडल की संरचना को और अधिक प्रतिनिधित्वपूर्ण एवं सहभागी बनाया गया है। निर्वाचित निदेशकों के लिए आरक्षण का प्रावधान बिहार सहकारी सोसाइटी अधिनियम, 1935 की धारा 14(2) के अनुरूप लागू होगा तथा आरक्षित श्रेणियों का निर्धारण प्रत्येक निर्वाचन से पूर्व चक्रानुक्रम के आधार पर किया जाएगा।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित