पटना , जून 18 -- राज्य में सहकारिता आधारित विपणन व्यवस्था को सुदृढ़ करने तथा किसानों एवं सहकारी संस्थाओं द्वारा उत्पादित वस्तुओं एवं सेवाओं के लिए व्यापक बाजार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सहकारिता विभाग की ओर से बिहार राज्य विपणन सहकारी फेडरेशन लिमिटेड के गठन की प्रक्रिया को गति प्रदान की जा रही है। सहकारिता विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार राज्य स्तरीय इस फेडरेशन का गठन प्रमंडल स्तरीय विपणन सहकारी संघों, व्यापार मंडल सहयोग समितियों तथा अन्य केंद्रीय सहकारी संस्थाओं को एक साझा मंच प्रदान करने के उद्देश्य से किया जा रहा है। फेडरेशन किसानों, उत्पादक समूहों एवं सदस्य सहकारी संस्थाओं द्वारा उत्पादित वस्तुओं एवं सेवाओं के संग्रहण, भंडारण, प्रसंस्करण, परिवहन, वितरण एवं विपणन की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करेगा, जिससे उत्पादकों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य प्राप्त हो सके।

सहकारिता मंत्री रामकृपाल यादव ने कहा कि बिहार राज्य विपणन सहकारी फेडरेशन का गठन राज्य के सहकारी आंदोलन को नई दिशा देने वाला ऐतिहासिक कदम है। इससे किसानों, उत्पादक समूहों और सहकारी संस्थाओं को अपनी उपज एवं उत्पादों के विपणन के लिए एक सशक्त राज्यस्तरीय मंच प्राप्त होगा। सरकार की मंशा है कि किसान केवल उत्पादन तक सीमित न रहें, बल्कि विपणन एवं मूल्य संवर्धन की प्रक्रिया में भी उनकी भागीदारी सुनिश्चित हो। उन्होंने कहा कि सहकारिता आधारित यह मॉडल किसानों की आय बढ़ाने,ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने तथा आत्मनिर्भर बिहार के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

मंत्री ने कहा कि बिहार सरकार सहकारिता क्षेत्र को आधुनिक तकनीक, बेहतर विपणन तंत्र एवं संस्थागत ढांचे से जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध है। बिहार राज्य विपणन सहकारी फेडरेशन राज्य में कृषि एवं ग्रामीण उत्पादों के लिए एक मजबूत विपणन नेटवर्क विकसित करेगा तथा किसानों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाजारों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

फेडरेशन की अधिकृत अंश पूंजी 500 करोड़ रुपये निर्धारित की गई है। प्रत्येक शेयर का मूल्य 20 हजार रुपये तथा सदस्यता शुल्क 1,000 रुपये निर्धारित किया गया है। फेडरेशन की सदस्यता प्रमंडल स्तरीय विपणन सहकारी संघों, व्यापार मंडल सहयोग समितियों, केंद्रीय सहकारी समितियों एवं केंद्रीय सहकारी बैंकों के लिए उपलब्ध होगी।

फेडरेशन का निदेशक मंडल कुल 17 सदस्यों का होगा, जिसमें एक अध्यक्ष, 13 निर्वाचित निदेशक तथा 3 पदेन/नामित निदेशक शामिल होंगे। अध्यक्ष का निर्वाचन लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत किया जाएगा तथा अध्यक्ष पद अनारक्षित रहेगा। निदेशक मंडल में प्रमंडल स्तरीय विपणन संघों, व्यापार मंडल सहयोग समितियों एवं केंद्रीय सहकारी समितियों को समुचित प्रतिनिधित्व प्रदान किया गया है। साथ ही सहकारिता प्रशासन एवं विपणन क्षेत्र के विशेषज्ञों को भी निदेशक मंडल में स्थान दिया जाएगा।

सहकारिता विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार निदेशक मंडल की संरचना को और अधिक प्रतिनिधित्वपूर्ण एवं सहभागी बनाया गया है। निर्वाचित निदेशकों के लिए आरक्षण का प्रावधान बिहार सहकारी सोसाइटी अधिनियम, 1935 की धारा 14(2) के अनुरूप लागू होगा तथा आरक्षित श्रेणियों का निर्धारण प्रत्येक निर्वाचन से पूर्व चक्रानुक्रम के आधार पर किया जाएगा।

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