, April 2 -- श्री यादव ने बताया कि उपभोक्ता वस्तुओं सहित कई वस्तुओं पर जीएसटी स्लैब में कमी के बावजूद विभाग ने उच्च सकल संग्रह हासिल किया है। उन्होंने कहा कि राज्य ने वित्त वर्ष 2025-26 में 2024-25 की तुलना में सभी नकद संग्रह (एसजीएसटी, सीजीएसटी, आईजीएसटी और उपकर) में 10.60 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की है। उन्होंने कहा कि बिहार की वृद्धि कर्नाटक के बाद दूसरे स्थान पर है।
मंत्री ने कहा जीएसटी दरों में कमी और विधानसभा चुनावों के बावजूद रिकॉर्ड राजस्व संग्रह के मामले में विभाग ने सराहनीय काम किया है। अकेले मार्च 2026 में, पिछले वर्ष के मार्च की तुलना में, बिहार में जीएसटी के तहत कुल कर संग्रह में इस वर्ष (2026) मार्च 2025 की तुलना में 13 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जबकि राष्ट्रीय स्तर पर जीएसटी संग्रह में वृद्धि पांच प्रतिशत रही।
मंत्री ने बताया कि विभाग ने गैर-जीएसटी संग्रह के रूप में कुल 11,247.57 करोड़ रुपये जुटाए हैं, जिसमें पेट्रोल पर वैट के रूप में 10,037.38 करोड़ रुपये, बिजली शुल्क के रूप में 983.81 करोड़ रुपये और पेशा कर के रूप में 226.38 करोड़ रुपये एकत्र किए गए हैं।
श्री यादव ने बताया कि निबंधन से राजस्व संग्रह की दिशा में भी राज्य में उल्लेखनीय कार्य किए गए हैं। उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में निबंधन विभाग ने निर्धारित लक्ष्य 8,250 करोड़ रुपये के विरुद्ध 8,403.46 करोड़ रुपये का राजस्व हासिल किया है। यह लक्ष्य का 101.86 प्रतिशत है। इससे पहले वित्तीय वर्ष 2024-25 में 7,500 करोड़ रुपये के लक्ष्य के विरुद्ध 7,648.88 करोड़ रुपये की प्राप्ति (101.98 प्रतिशत) हुई थी। इस प्रकार, चालू वित्तीय वर्ष में राजस्व संग्रहण में 754.58 करोड़ रुपये (9.86 प्रतिशत) की वृद्धि दर्ज की गई है। उन्होंने निबंधन से राजस्व प्राप्त करने वाले टॉप पांच जिलों और कार्यालयों का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि पिछले 31 मार्च को 14 हजार 905 दस्तावेज निबंधित किए गए और 107.74 करोड़ राजस्व की प्राप्ति निबंधन विभाग को हुई है।
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