, April 1 -- उप मुख्यमंत्री ने बताया कि खान एवं भूतत्व विभाग को रेलवे से 32 करोड़ रुपये, ग्रामीण कार्य विभाग से से 70 करोड़ रुपये, सीपीडब्लूडी से 20 करोड़ रुपये और पटना मेट्रो से 6.5 करोड़ रुपये का राजस्व मिलने की उम्मीद है। उन्होंने भरोसा जताया कि विभाग को ये पैसे ट्रांसफर होने के बाद कुल राजस्व की वसूली 3800 करोड़ रुपये के राजस्व वसूली के अपने लक्ष्य को पार कर लेगा। श्री सिन्हा ने कहा कि राज्य के कुल 21 जिलों ने 2025-26 में अपने राजस्व वसूली के लक्ष्य से कहीं अधिक राजस्व की वसूली की है। इसके लिए इन 21 जिलों के अपने अधिकारियों और कर्मियों को उन्होंने बधाई दी।

उपमुख्यमंत्री श्री सिन्हा ने कहा कि बालू घाटों को सरेंडर करने वाली कंपनियों को अब नए टेंडर में हिस्सा लेने की इजाज़त नहीं दी जाएगी। उन्होंने राज्य में कुल 78 बालू घाटों को सरेंडर करने वालों को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि जिन कंपनियों ने बालू के खनन की लीज़ सरेंडर की है, उन्हें राज्य में बालू खनन के लिए अब निकलने वाले नए टेंडर में हिस्सा लेने की इजाज़त नहीं होगी। उन्होंने कहा कि दरअसल, ओवरलोडिंग और गैर-कानूनी बालू के खनन पर कड़ी निगरानी की वजह से उन्होंने ये घाट सरेंडर किये हैं। उन्होंने बताया कि विभाग ने कुल 12 बालू घाटों के ऑक्शन के लिए नए टेंडर जारी कर दिए हैं।

उप मुख्यमंत्री ने बताया कि "बिहारी खनन योद्धा पुरस्कार" पाने वाले कुल 96 लोगों के बैंक खाते में कुल 4.90 लाख रुपये ट्रांसफर किए हैं।

श्री सिन्हा ने कहा कि राजस्व वसूली को और अधिक बढ़ाने के मकसद से खान एवं भूतत्व विभाग ने कुल 30 ब्लॉक के लिए स्टोन माइनिंग लीज़ की पहचान की है। जल्द ही यह ज़मीन पर दिखने लगेगा। उन्होंने कहा कि सरकार के इस कदम से न केवल दूसरे राज्यों से पत्थरों के आयात पर हमारी निर्भरता कम होगी, बल्कि राज्य के लोगों के लिए रोज़गार के नए मौके अवसर भी पैदा होंगे।

इस संवाददाता सम्मेलन में विभाग के निदेशक मनेश कुमार मीणा, अपर सचिव भारत भूषण प्रसाद के साथ कई अन्य अधिकारी मौजूद थे।

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