, April 13 -- पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि मुख्यमंत्री की ओर से सभी 38 जिलों में 'समृद्धि यात्रा' और उपमुख्यमंत्री की ओर से 10 जिलों में 'भूमि सुधार जन कल्याण संवाद' के माध्यम से जनता और राजस्व विभाग के बीच सीधा संवाद स्थापित किया गया है, जिससे प्रशासनिक सुधारों को गति मिली है।

प्रधान सचिव ने अपने पत्र के अंत में कहा कि आर्थिक न्याय संविधान के अनुच्छेद 38 और 39 (बी) एवं (सी) में निहित एक महत्वपूर्ण दायित्व है और इसे जमीन पर उतारने में प्रमंडलीय आयुक्तों और जिलाधिकारियों की संयुक्त भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर को स्मरण करते हुए अधिकारियों से इस दिशा में सतत प्रयास करने का आह्वान किया है।

बिहार के उपमुख्यमंत्री और राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है कि बिहार के प्रत्येक नागरिक को बिना किसी बाधा के आर्थिक न्याय और राजस्व सेवाओं का लाभ मिले। उन्होंने कहा कि किसी भी परिस्थिति में आम जनता को सरकारी सेवाओं से वंचित नहीं किया जा सकता। राजस्व प्रशासन को पारदर्शी, जवाबदेह और नागरिक केंद्रित बनानाविभाग की प्रतिबद्धता है। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देश दिये कि अंतिम व्यक्ति तक सेवाएं पहुँचाना सुनिश्चित करें और यदि कहीं लापरवाही या अवरोध पाया जाता है तो नियमों के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित