, Feb. 26 -- सचिव श्री रवि ने मुख्य सचिवालय एवं विकास भवन में चल रहे अग्निशमन कार्यों को जल्द पूर्ण करने के लिये निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि अग्निशमन कार्य को प्रमुखता से पूर्ण करें। इस दौरान अभियंत्रण महाविद्यालय में अतिरिक्त भवनों के निर्माण की भी समीक्षा की गई।
विभाग द्वारा 2615 पंचायत सरकार भवन का निर्माण किया जा रहा है जिनमें से 450 से अधिक पंचायत सरकार भवनों का निर्माण पूर्ण कर लिया गया है। वहीं, 300 भवनों का फिनिशिंग कार्य अग्रिम चरण में है। अगले 2-3 महीनों में 1000 पंचायत सरकार भवनों का निर्माण पूर्ण करने का लक्ष्य है। उन्होंने निर्देश दिया कि शेष भवनों का निर्माण तेजी से पूर्ण करें तथा हैंडओवर की प्रक्रिया में तेजी लाएं।
बिहार पशु विज्ञान विश्विद्यालय के शेष भवनों का निर्माण कार्य की भी समीक्षा की गई। कार्यपालक अभियंता ने आश्वासन दिया कि भवनों का निर्माण समयबद्धता के साथ पूर्ण कर लिया जाएगा। इसके साथ ही प्रखंड सह अंचल कार्यालय भवन निर्माण कार्यों की समीक्षा की गई।
भवन निर्माण विभाग द्वारा राज्य के 240 प्रखंडों में प्रखंड-सह-अंचल कार्यालय एवं 59 प्रखंडों में प्रखंड-सह-अंचल कार्यालय एवं आवासीय परिसर भवनों का निर्माण किया जा रहा है।
सचिव ने बताया कि 200 से अधिक प्रखंड-सह-अंचल कार्यालय भवनों का निर्माण कार्य शुरू हो गया है। उन्होंने बताया कि शेष भवनों के निर्माण के लिये पुनर्निविदा/निविदा की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। प्रतिस्पर्धी एवं पारदर्शी तरीके से टेंडर की प्रक्रिया पूरी कर जल्द ही शेष प्रखंडों में भी कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
भवन निर्माण विभाग सहित 19 विभागों की समीक्षा के उपरांत निर्माण कार्य की गुणवत्ता सुनिश्चित कराने के लिये गुणवत्ता अनुश्रवण की रिपोर्ट की समीक्षा की गई।
सचिव ने गुणवत्तापूर्ण निर्माण कार्य पर जोर देते हुए कहा कि गुणवत्ता में कमी पाएं जाने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। अभियंताओं को निर्देश दिया गया कि गुणवत्तापूर्ण निर्माण के लिये सप्ताहिक स्थल निरीक्षण करें एवं संवेदकों के साथ साप्ताहिक समीक्षा बैठक करें। कार्यपालक अभियंता एवं संवेदक की जिम्मेदारी तय करें जिससे भवनों की गुणवत्ता सुनिश्चत हो। निर्माण सामग्री मानक के अनुरूप हो ताकि निर्माण में उच्च गुणवत्ता सुनिश्चित हो सके। कार्यपालक अभियंताओं को ऑनलाइन पोर्टल पीआईएमएस को अपडेट करने के लिए कहा गया। पीआईएमएस पोर्टल पर डाले गए डेटा का उच्च स्तर पर निगरानी की जाएगी।
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