, May 13 -- श्री मल्ल ने संबंधित जिलों में सायरन की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ब्लैक आउट के दौरान बिजली की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। इसलिए जिलों के पदाधिकारी समय रहते ऊर्जा विभाग से सामंजस्य स्थापित करेंगे और ब्लैक आउट की सफलता में सहयोग लेंगे। उन्होंने कहा कि सायरन के लिए चौक-चौराहों पर लगे साउंड सिस्टम, थानों और फायर ब्रिगेड की गाड़ियों का भी सहयोग लिया जा सकता है। पदाधिकारी माकड्रिल के दौरान अस्पतालों की खिड़कियों पर क्यूबिकल पर्दा या प्राइवेसी कर्टन लगवाना सुनिश्चित करेंगे।
नागरिक सुरक्षा के महानिदेशक डॉ. परेश सक्सेना ने नागरिक सुरक्षा की दिशा में होने वाले माकड्रिल की बारीकियों से उपस्थित पदाधिकारियों को रूबरू कराया। उन्होंने माकड्रिल के लिए निर्धारित सभी छह बिंदुओं का सिलेसिलेवार उल्लेख किया और इसके उद्देश्यों से भी अगवत कराया। उन्होंने कहा कि पिछले अभ्यास में बेगूसराय जिले का उत्कृष्ट प्रदर्शन था। इसी तर्ज पर अगले अभ्यास के लिए पदाधिकारी अपनी तैयारी पूरी करें।
टेबल टॉप एक्सरसाइज़ में वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से डॉ. उदय कांत, उपाध्यक्ष, राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, समादेष्टा, राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ), समादेष्टा, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), सभी संबंधित जिलों के अपर समाहर्ता (आपदा) तथा सहायक आपदा प्रबंधन पदाधिकारी समेत रेलवे पुलिस फोर्स, राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस), राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी), नेहरू युवा केंद्र संगठन (के प्रतिनिधि उपस्थित थे।
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