पटना , मार्च 12 -- बिहार के कृषि मंत्री रामकृपाल यादव ने गुरूवार को कहा कि बिहार मेहनतकश किसानों की धरती है और देश की ताकत खेतों तथा किसानों में निहित है।
कृषि मंत्री श्री यादव ने आज यहां गांधी मैदान में आयोजित राज्यस्तरीय कृषि यांत्रिकरण मेला एग्रो बिहार 2026 के उद्घाटन के अवसर पर कहा कि बिहार मेहनतकश किसानों की धरती है और देश की ताकत खेतों तथा किसानों में निहित है। उन्होंने कहा कि बदलते समय के साथ खेती को आधुनिक तकनीक से जोड़ना आवश्यक हो गया है। कृषि यंत्रीकरण के माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी, आसान और समयबद्ध बनाया जा सकता है।
श्री यादव ने बताया कि गांधी मैदान में आयोजित इस मेले में देश के विभिन्न राज्यों से आए कृषि यंत्र निर्माताओं द्वारा आधुनिक कृषि यंत्रों और नई तकनीकों का प्रदर्शन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि किसानों को ड्रोन तकनीक, फसल अवशेष प्रबंधन, सूक्ष्म सिंचाई, खरपतवार नियंत्रण तथा कृषि यंत्रों के रख-रखाव की जानकारी भी दी जा रही है। राज्य सरकार किसानों को अनुदानित दर पर आधुनिक कृषि यंत्र उपलब्ध कराकर उनकी आय बढ़ाने और बिहार की खेती को और सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
इस अवसर पर कृषि विभाग के प्रधान सचिव नर्मदेश्वर लाल ने कहा कि यह मेला किसानों का तकनीक के साथ संगम है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2011 से पटना में इस मेले का आयोजन किया जा रहा है। हम तकनीक के सहारे उत्पादन बढ़ा सकते हैं। बढ़ती आबादी और इसके कारण खेती पर बढ़ते दबाव को तकनीक के सहारे ही कम किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि एक बड़ी चुनौती यह है कि हमारे किसानों के पास जोत कम है, ऐसे में कलस्टर खेती के माध्यम से किसान एक साथ समूह में खेती कर कृषि यंत्रों का लाभ उठा सकते हैं।
श्री लाल ने कहा कि राज्य के प्रत्येक जिले में कस्टम हायरिंग सेंटर की व्यवस्था की जा रही है, जिससे छोटे और सीमांत किसान भाड़े पर कृषि यंत्र लेकर खेती कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि यह मेला किसानों को आधुनिक तकनीक से जोड़ने में सफल होगा, हमारे किसान जब यहां से लौटेंगे तो खेती में इसका इस्तेमाल कर बेहतर खेती करेंगे। कृषि विभाग प्रयास कर रहा है कि अगले वित्तीय वर्ष में धान- गेहूं से अलग ज्यादा मूल्य देने वाली फसलों की खेती अधिक से अधिक कराई जाएं जिससे किसानों को लाभ हो और उनकी आय में वृद्धि हो सके।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित