, Aug. 1 -- सचिव श्री पाल ने बताया कि करीब 198.51 किलोमीटर लंबी यह परियोजना जीटी रोड (आमस) को सीधे उत्तर बिहार के केंद्र दरभंगा से जोड़ेगी। इससे औरंगाबाद, जहानाबाद, पटना, वैशाली और समस्तीपुर जैसे जिलों के निवासियों को निर्बाध आवागमन की सुविधा मिलेगी। उन्होंने बताया कि इसी तरह से 2848.00 करोड़ की लागत से एनएच-19 पर बनारस-औरंगाबाद के बीच 192.40 किमी लंबा 6-लेन कॉरीडोर का निर्माण कार्य किया जा रहा है। परियोजना का कार्य दो पैकेज में पूरा किया जाना है। इसके पूरा होने पर यूपी व झारखंड से बिहार का संपर्क मजबूत होगा। श्री पाल ने बताया कि एनएच-131 जी के तहत 6,291.69 करोड़ की लागत से दिघवारा- शेरपुर 6-लेन पुल और सड़क का निर्माण कार्य कराया जा रहा है। 13.53 किमी. लंबी परियोजना के पूरा होने से सारण, पटना के बीच भीषण जाम की समस्या से छुटकारा मिलेगा और दूसरे जिले के लोगों की भी सहूलियत बढ़ेगी। उन्होंने बताया कि 812.50 करोड़ रुपये की लागत से छपरा से हाजीपुर के बीच एनएच-19/31 पर 66.65 किमी लंबी 4-लेन सड़क, बेगूसराय में 312.58 करोड़ रुपये की लागत से 4.255 किमी. लंबा 4-लेन एलिवेटेड रोड और देवानगर -कोटवां पथांश में डुमरियाघाट के पास गंडक नदी पर 210.05 करोड़ रुपये की लागत से पुल निर्माण का कार्य किया जा रहा है।
सचिव ने बताया कि परियोजना के पूरा होने के बाद लोगों को स्थानीय स्तर पर ट्रैफिक की समस्या से स्थायी समाधान मिलेगा। सचिव ने बताया कि आने वाले समय में पटना, दरभंगा, औरंगाबाद, बेगूसराय आदि जिलों के बीच सफर का समय घटकर आधा रह जाएगा। साथ ही कृषि उत्पाद, फल-सब्जियां और व्यापारिक सामान मंडियों तक समय से पहुंच सकेंगे। उन्होंने बताया कि आधुनिक 4-लेन व 6-लेन सड़कों के निर्माण से दुर्घटनाओं में कमी आएगी और ईंधन व समय दोनों की बचत होगी।
सचिव श्री पाल ने बताया कि एनएच-2/नया एनएच 19 पर औरंगाबाद-चोरदाहा के बीच पैकेज-1 (29.83 किमी.) और पैकेज-2 (39.698 किमी.) लंबी सड़क का 6-लेन चौड़ीकरण और मजबूतीकरण का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि परियोजना के तहत दोनों पैकेज को मिलाकर कुल 1792.57 करोड़ रुपये खर्च किए जाने हैं। सड़क के चौड़ीकरण और सुदृढीकरण से यूपी और झारखंड बार्डर से बिहार की कनेक्टिविटी मजबूत होगी। साथ ही अलग-अलग व्यापार को बढ़ावा मिलेगा।
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