पटना , मई 05 -- बिहार में मछली आहार उत्पादन को लेकर तेजी आई है और राज्य अब अपनी जरूरत का आधे से अधिक फीड खुद तैयार कर रहा है, जिससे मत्स्य उत्पादन और निर्यात दोनों को नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है। बिहार सरकार का डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग मछली आहार उत्पादन में भी राज्य को आत्मनिर्भर बनाने के लिए तेजी से प्रयास कर रहा है।
राज्य ने अब अपनी आवश्यकता के आधे से अधिक मछली आहार का उत्पादन खुद कर रहा है। विभाग के प्रयास से 79 फिश फीड मिल लगाए गए हैं, जहां 50 हजार टन मछली आहार का उत्पादन हो रहा है। माना जा रहा है कि पूरक आहार उपलब्ध होने से राज्य में मछली की उत्पादकता एवं उत्पादन में तेजी से बढ़ोतरी होगी।
राज्य सरकार मछली का चारा उत्पादन करने वाले फीड मिलों को कई तरह से सहायता दे रही है, जिससे अधिक से अधिक मछली चारा का उत्पादन हो सके। डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग की योजना के तहत फीड मिलों को विद्युत वित्तीय सहायता भी दी जा रही है। 100 टन प्रतिदिन उत्पादन क्षमता वाले फीड मिलों को तीन रुपये प्रति यूनिट, अधिकतम दो लाख रुपये प्रति माह तथा अधिकतम 24 लाख रुपये प्रति वर्ष की दर से विद्युत वित्तीय सहायता राशि दी जा रही है।
मछली उत्पादन में बिहार ने पहले ही आत्मनिर्भरता हासिल कर ली है। अब राज्य तेजी से निर्यात की दिशा में आगे बढ़ रहा है। राज्य के विभिन्न जिलों से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, राज्य से 39.07 हजार टन मछलियां बाहर भेजी गई हैं, जिसमें नेपाल, सिलीगुड़ी, लुधियाना, अमृतसर, बनारस, गोरखपुर, देवरिया, कप्तानगंज, रांची तथा गोड्डा आदि प्रमुख शहर शामिल हैं।
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