पटना, फरवरी 14 -- बिहार उद्योग विभाग के सचिव सह अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक, कुंदन कुमार ने शनिवार को कहा कि, "एमनेस्टी पॉलिसी-2025 एवं एग्जिट पॉलिसी-2025 राज्य में औद्योगिक परिसंपत्तियों के प्रभावी प्रबंधन की दिशा में एक नई एवं महत्वपूर्ण पहल है और इसके क्रियांवयन से लगभग 100 औद्योगिक मामलों का निष्पादन तथा 800 करोड़ तक निवेश का मार्ग प्रशस्त हुआ है।
सचिव श्री कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकार(बियाडा) की तरफ से लागू एमनेस्टी पॉलिसी-2025 एवं एग्जिट पॉलिसी-2025 के माध्यम से राज्य में बंद एवं विवादित औद्योगिक इकाइयों को पुनर्जीवित करने तथा निष्क्रिय भूमि को पुनः निवेश योग्य बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति दर्ज की गई है। उन्होंने कहा कि विभाग की और से आयोजित समीक्षा बैठक में दोनों नीतियों की विस्तृत प्रगति पर चर्चा हुई।
बैठक में आवेदनों की समीक्षा के बाद कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। प्राधिकार द्वारा लागू की गई इन दोनों नीतियों: एमनेस्टी पॉलिसी-2025 एवं एग्जिट पॉलिसी-2025 के प्रभावी क्रियान्वयन से राज्य के औद्योगिक परिदृश्य में व्यापक एवं सकारात्मक परिवर्तन परिलक्षित होंगे।
सचिव ने कहा कि इसके तहत करीब 100 औधोगिक मामलों के निष्पादन के साथ लगभग 100 एकड़ औद्योगिक भूमि को पुनः निवेश योग्य बनाकर नए निवेशकों को उपलब्ध कराया जाएगा तथा निष्क्रिय परिसंपत्तियों को सुव्यवस्थित प्रबंधन के तहत पुनर्बहाल किया जाएगा। इससे राज्य में 600-800 करोड़ तक के संभावित निवेश का मार्ग प्रशस्त हुआ है, जिससे औद्योगिकीकरण एवं रोजगार सृजन को नई गति मिलेगी।
श्री कुमार ने कहा कि मनेस्टी पॉलिसी-2025 उन उद्यमियों को स्पष्ट एवं समयबद्ध अवसर प्रदान करती है, जिनके औद्योगिक भूखंड बकाया राशि या अनुपालन संबंधी कारणों से निष्क्रिय हो गए थे। सरल, पारदर्शी एवं सुव्यवस्थित प्रक्रिया के माध्यम से उद्यमी बंद पड़ी इकाइयों को पुनर्जीवित कर सकते हैं तथा मौजूदा निवेश की सुरक्षा सुनिश्चित कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि तृतीय पक्ष को आवंटित मामलों को छोड़कर सभी सुयोग्य इकाइयाँ/पात्र 31 मार्च 2026 तक इस एकमुश्त अवसर का लाभ उठा सकते हैं। वहीं, एग्जिट पॉलिसी-2025 उद्यमियों को सम्मानजनक निकासी का विकल्प प्रदान करती है और लंबित विवादों के समाधान के माध्यम से निष्क्रिय भूमि को पुनः निवेश योग्य बनाती है। इससे उपलब्ध भूमि पर नए उद्योग स्थापित होंगे, निवेश को बढ़ावा मिलेगा तथा राज्य में औद्योगिकीकरण और रोजगार सृजन को नई दिशा प्राप्त होगी।
बैठक में उद्योग क्षेत्र के विभिन्न हितधारक सुभाष कुमार पटवारी (बीसीसीआई), संजय गोयनका, अमरनाथ जायसवाल (बीआईए) तथा उद्योग विभाग एवं बियाडा के वरीय पदाधिकारी उपस्थित थे।
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