पटना , अक्टूबर 31 -- बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शनिवार को घोषणा की है कि राज्य में स्थापित महापुरुषों की प्रतिमाओं में सबसे ऊंची लौह पुरुष भारत रत्न सरदार वल्लभभाई पटेल की स्थापित की जाएगी।
श्री चौधरी ने कहा कि सरदार पटेल ने 567 रियासतों का भारत में विलय कर देश की एकता और अखंडता को मजबूत करने में ऐतिहासिक भूमिका निभाई थी। वह आधुनिक भारत के शिल्पकार और राष्ट्रीय एकता के महान प्रतीक थे।
मुख्यमंत्री ने आज सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती पर राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर साझी विरासत अभियान की ओर से सम्राट अशोक कन्वेंशन केंद्र परिसर स्थित बापू सभागार में आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए यह घोषणा की। इससे पहले उन्होंने सरदार पटेल के तैलचित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
श्री चौधरी ने कहा कि सरदार पटेल ने 567 रियासतों का भारत में विलय कर कश्मीर से कन्याकुमारी तक देश को एक सूत्र में पिरोने का ऐतिहासिक कार्य किया। यदि वह नहीं होते तो आज भारत का स्वरूप इतना विशाल और एकीकृत नहीं होता। बिहार में स्थापित होने वाली उनकी प्रतिमा अब तक राज्य में स्थापित महापुरुषों की प्रतिमाओं में सबसे बड़ी होगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत को वर्ष 2047 तक विकसित एवं आर्थिक रूप से सशक्त राष्ट्र बनाने की दिशा में लगातार काम हो रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सरदार पटेल के सपनों को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
उन्होंने कहा कि श्री कुमार ने अपने 20 वर्षों के कार्यकाल में बिहार के विकास के लिए व्यापक काम किया है। उनसे विकास कार्यों को आगे बढ़ाने की सीख मिली है और उनकी विकास योजनाओं एवं सपनों को पूरा करने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है।
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