पटना, मार्च 24 -- बिहार में सूर्योपासना के महापर्व चैती छठ के अवसर पर मंगलवार को व्रतधारियों ने अस्ताचलगामी सूर्य को नदी और तालाब में खड़े होकर प्रथम अर्घ्य अर्पित किया।

गंगा नदी में हजारों महिला और पुरुष व्रतधारियों ने डूबते सूर्य को अर्घ्य अर्पित किये। इस अवसर पर लोगों ने पवित्र गंगा नदी में स्नान भी किया। सुबह से ही आज गंगा नदी की ओर जाने वाले सभी मार्ग छठ व्रत एवं सूर्य आराधना के भक्तिपूर्ण एवं कर्णप्रिय गीतों से गुंजायमान रहे।

पटना जिला प्रशासन ने गंगा नदी के घाटों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किये हैं। प्रशासन की ओर से गंगा नदी में नौका के परिचालन पर भी रोक लगा दी गयी है। छठ घाटों पर पटाखे छोड़ने पर भी प्रतिबंध है।छठ व्रतियों के लिये गंगा घाटों को साफ-सुथरा किया गया है और विशेष रूप से सजाया भी गया है।

औरंगाबाद जिले के ऐतिहासिक और धार्मिक स्थल देव के पौराणिक सूर्य कुंड में आज चैती छठ व्रत के अवसर पर करीब आठ लाख छठव्रतियों और श्रद्धालुओं ने अस्ताचलगामी भगवान भास्कर को अर्ध्य अर्पित किया। यहां भगवान भास्कर को अर्ध्य अर्पित करने का सिलसिला आज दोपहर से ही शुरू हो गया।

आज सुबह से ही अत्यंत आकर्षक ढंग से सजाये गये देव के त्रेतायुगीन सूर्य मंदिर में महिला - पुरुष श्रद्धालुओं की लंबी कतार लगी हुई थी,और लोग बारी - बारी से भगवान भास्कर का दर्शन - पूजन - अर्चन कर रहे हैं । देव का पूरा इलाका छठी मैया के भक्तिपूर्ण और कर्णप्रिय गीतों से गुंजायमान है।

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