पटना , अक्टूबर 31 -- बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी शनिवार को घोषणा की कि बिहार में सबसे ऊँची मूर्ति लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल जी की स्थापित की जाएगी। मुख्यमंत्री श्री चौधरी आज भारत रत्न लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के अवसर पर आयोजित 'राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह' में शामिल हुए। साझी विरासत अभियान द्वारा आयोजित इस समारोह में मुख्यमंत्री श्री चौधरी ने लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल के तैलचित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री चौधरी ने कहा कि आधुनिक भारत के शिल्पकार, राष्ट्रीय एकता एवं अखंड भारत के महान प्रतीक भारत रत्न लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल देश के सबसे मजबूत गृह मंत्रियों में से एक थे। उन्होंने 587 रियासतों का भारत में विलय कर देश की एकता और अखंडता को मजबूत किया। कश्मीर से कन्याकुमारी तक भारत को एक सूत्र में पिरोने का ऐतिहासिक कार्य किया। उन्होंने कहा कि यदि सरदार पटेल नहीं होते तो आज भारत का स्वरूप इतना विशाल और एकीकृत नहीं होता।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत को वर्ष 2047 तक विकसित एवं आर्थिक रूप से सशक्त राष्ट्र बनाने के लिए लगातार काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सरदार पटेल जी के सपनों को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य किए हैं। पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहार को विकसित बनाने के लिए अपने 20 वर्षों के कार्यकाल में काफी काम किया है, उनसे बिहार के विकास को आगे बढ़ाने की सीख मिली है।
मुख्यमंत्री श्री चौधरी ने कहा कि लगभग ढाई हजार वर्ष पूर्व भारत को सोने की चिड़िया कहा जाता था और उस समय पाटलिपुत्र आर्थिक एवं सांस्कृतिक रूप से अत्यंत समृद्ध था। विदेशी आक्रांताओं ने भारत की समृद्धि को नुकसान पहुंचाया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 'मेक इन इंडिया' अभियान के माध्यम से सोने का शेर बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं, जो पूरी दुनिया में अपनी ताकत का एहसास कराएगा। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता मालिक है और जनता के आशीर्वाद से ही देश एवं राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाया जा रहा है।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित