पटना , अक्टूबर 07 -- वीबी-जी राम जी योजना के तहत रोजगार देने में बिहार अग्रणी राज्यों में शामिल है। 01 जुलाई से अब तक राज्यभर में 10 लाख 89 हजार ग्रामीण परिवारों को रोजगार उपलब्ध कराया गया है। 179 लाख मानव दिवस का सृजन किया गया है। ग्रामीण विकास विभाग के स्तर से इस संबंध में मिली जानकारी के अनुसार , सृजित किए गए मानव दिवस में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग की भागीदारी 17.48 प्रतिशत और महिलाओं की भागीदारी 57.58 प्रतिशत है।
इस योजना में ग्रामीण इलाकों में महिलाओं की बढ़ी हुई भागीदारी और रोजगार के अवसरों तक उनकी पहुंच को दर्शाता है। वीबी-जी राम जी योजना से संबंधित आंकड़े एकत्र करने वाली प्रणाली मैनेजमेंट इंफॉर्मेशन सिस्टम (एमआईएस)से मिली जानकारी के अनुसार, इसके अंतर्गत एक जुलाई से अब तक 457 करोड़ 93 लाख रुपये के भुगतान को प्राधिकृत किया जा चुका है। इस योजना के सफल संचालन के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 में 9 महीने अर्थात जुलाई से मार्च 2027 तक के लिए केंद्रांश एवं राज्यांश समेत कुल 11 हजार 193 करोड़ रुपये के अंतरिम बजट का प्रावधान किया गया है। इसके अंतर्गत अब तक 2 हजार 679 करोड़ की राशि को शुरुआती तौर पर विमुक्त कर दी गई है।
इस योजना के तहत प्रत्येक पात्र ग्रामीण परिवार को एक वित्तीय वर्ष में कम से कम 125 दिनों के रोजगार की गारंटी प्रदान की गई है। इसके माध्यम से ग्रामीण परिवारों को रोजगार उपलब्ध कराने के साथ-साथ आजीविका संवर्द्धन एवं टिकाऊ परिसंपत्तियों के निर्माण को गति देने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
ग्रामीण विकास और सूचना एवं जनसंपर्क मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि वीबी-जी राम जी योजना के अंतर्गत राज्य में रोजगार उपलब्ध कराने के साथ-साथ आजीविका संवर्द्धन, पर्यावरण संरक्षण और आवश्यक ग्रामीण आधारभूत संरचनाओं के निर्माण को प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने कहा कि योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और ग्रामीण परिवारों को अधिक अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है। विकसित भारत-रोजगार और आजीविका के लिए गारंटी मिशन (ग्रामीण) (वीबी-जी राम जी) अधिनियम, 2025 राज्य के संपूर्ण ग्रामीण क्षेत्र में 01 जुलाई 2026 से प्रभावी है। इसके माध्यम से अधिक से अधिक संख्या में ग्रामीण क्षेत्र के गरीब परिवारों को रोजगार दिलाने की योजना को मूर्तरूप दिया जा रहा है।
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