मोतिहारी, अप्रैल 06 -- राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के वरिष्ठ नेता उदय नारायण चौधरी ने सोमवार को आरोप लगाया है कि बिहार में लागू शराबबंदी नीति पूरी तरह विफल साबित हुई है। पूर्वी चंपारण जिले में जहरीली शराब कांड में 10 लोगों की मौत हो गयी है। राजद का एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल उदय नारायण चौधरी के नेतृत्व में तुरकौलिया प्रखंड पहुंचा। प्रतिनिधिमंडल ने मृतकों के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी और सरकार की नीतियों की कड़ी आलोचना की।

श्री चौधरी ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि बिहार में लागू शराबबंदी नीति पूरी तरह विफल साबित हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि "शराबबंदी के नाम पर राज्य की दो पीढ़ियां बर्बाद हो गई हैं। अब स्मैक और इंजेक्शन जैसे खतरनाक नशे गांव-गांव तक पहुंच चुके हैं, जो पहले कभी नहीं सुने गए थे।"राजद नेता ने आंकड़ों के जरिए सरकार को घेरते हुए दावा किया कि पिछले 10 वर्षों में जहरीली शराब से लगभग 300 लोगों की मौत हो चुकी है। उन्होंने कहा कि इस कानून के तहत अब तक 10 लाख से अधिक मामले दर्ज किए गए हैं और करीब 16 लाख लोग जेल जा चुके हैं, जिनमें अधिकांश गरीब और पिछड़े वर्ग के लोग हैं। उन्होंने इस कानून को "असफल" बताते हुए इसे तत्काल प्रभाव से निरस्त करने की मांग की।

प्रतिनिधिमंडल ने पीड़ित परिवारों की दयनीय स्थिति का भी जिक्र किया।

श्री चौधरी ने एक हृदयविदारक घटना बताते हुए कहा कि एक मृतक के परिजन अस्पताल का बिल नहीं चुका पाने के कारण शव को वहीं छोड़ने को मजबूर हो गए। उन्होंने इसे सरकार की संवेदनहीनता का उदाहरण बताया।

राजद के प्रतिनिधिमंडल ने सरकार से मांग की कि मृतकों के आश्रितों को तत्काल उचित मुआवजा दिया जाए, निजी अस्पतालों में भर्ती मरीजों के इलाज का खर्च सरकार उठाए तथा इस कांड के लिए जिम्मेदार पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों पर हत्या का मुकदमा दर्ज किया जाए।

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