पटना, मार्च 16 -- बिहार में द्विवार्षिक राज्यसभा चुनाव के तहत पांच सीटों के लिए मतदान सोमवार की शाम चार बजे शांतिपूर्ण ढंग से समाप्त हो गया और इस दौरान महागठबंधन के चार विधायकों की अनुपस्थिति ने मुकाबले में विपक्ष की संभावनाओं को कमजोर कर दिया।
आज सम्पन्न हुए मतदान में 243 विधायकों में से 239 ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया।
बिहार विधानसभा परिसर में सुबह नौ बजे शुरू हुए मतदान में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) खेमे के सभी 202 विधायकों ने भाग लिया। मतदान के दौरान जहाँ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के सभी विधायकों ने शतप्रतिशत मतदान किया, वहीं महागठबंधन के चार सदस्य मतदान प्रक्रिया से दूर रहे। मतदान प्रक्रिया से दूर रहने वाले विधायकों में एक राजद और तीन कांग्रेस से हैं।
राजद के 25 विधायकों में से 24 ने मतदान किया, जबकि ढाका विधानसभा क्षेत्र से विधायक फैसल रहमान मतदान करने नहीं पहुंचे। इसी तरह कांग्रेस के छह विधायकों में से तीन ने मतदान नहीं किया। मतदान से अनुपस्थित रहने वालों में सुरेंद्र कुशवाहा (वाल्मीकिनगर), मनोज यादव (फारबिसगंज) और मनोहर प्रसाद (मनिहारी) शामिल हैं।
इस बार चुनाव में राज्यसभा की पांच सीटों के लिए छह उम्मीदवार मैदान में हैं। इनमे जनता दल यूनाइटेड (जदयू) की ओर से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, जदयू के निवर्तमान सांसद रामनाथ ठाकुर, भाजपा नेता शिवेश राम, राष्ट्रीय लोक मोर्चा(रालोमो) के प्रमुख और निवर्तमान सांसद उपेंद्र कुशवाहा तथा राजद के मौजूदा राज्यसभा सांसद अमरेंद्र धारी सिंह शामिल हैं।
बिहार विधानसभा में वर्तमान संख्या बल को देखते हुए इस मुकाबले में राजग को विपक्षी महागठबंधन पर बढ़त मिलती दिखाई दे रही है।
महागठबंधन के पास विधानसभा में कुल 35 विधायकों का समर्थन है, जिसमें राजद के 25, कांग्रेस के छह, वाम दलों के तीन और इनक्लूसिव पॉलिटिकल पार्टी का एक विधायक शामिल है। गठबंधन को ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के पांच विधायकों और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के एकमात्र विधायक का भी समर्थन प्राप्त है।
हालांकि मतदान के दौरान महागठबंधन के चार विधायकों की अनुपस्थिति ने चुनावी गणित में नया मोड़ ला दिया है।
मतों की गिनती के बाद आज ही परिणाम घोषित होने हैं।
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