, Oct. 12 -- श्री सिन्हा ने कहा कि खेती की सफलता के लिए गुणवत्तापूर्ण बीज सबसे महत्वपूर्ण है। किसानों को समय पर प्रमाणित और उन्नत बीज उपलब्ध कराना कृषि विभाग की प्राथमिकता होनी चाहिए। बीज की गुणवत्ता में कमी की शिकायत मिलने पर जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाए। बिहार कृषि मोबाइल ऐप सहित अन्य डिजिटल माध्यमों से किसानों को बीज की उपलब्धता और कृषि योजनाओं की जानकारी समय पर उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि कृषि योजनाओं के क्रियान्वयन में भ्रष्टाचार के प्रति सरकार की नीति जीरो टॉलरेंस की है और योजनाओं का लाभ पारदर्शी तरीके से वास्तविक किसानों तक पहुंचना चाहिए।
कृषि मंत्री ने दलहन और तिलहन की खेती बढ़ाने पर विशेष जोर देते हुए कहा कि मसूर, चना और सरसों जैसी फसलें किसानों की आमदनी बढ़ाने के साथ देश को आत्मनिर्भर बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। सरकार गुणवत्तापूर्ण बीज, आधुनिक कृषि तकनीकों और प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित कर कृषि उत्पादन बढ़ाने तथा किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए प्रयासरत है।
उन्होंने किसानों से पराली नहीं जलाने की अपील करते हुए जीरो टिलेज तकनीक अपनाने, मिट्टी की जांच कराने, संतुलित उर्वरकों का इस्तेमाल करने तथा जैविक खाद, हरी खाद और फसल चक्र को बढ़ावा देने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि इन उपायों से खेती की लागत कम करने, उत्पादन बढ़ाने और मिट्टी की उर्वरा शक्ति बनाए रखने में मदद मिलेगी।
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