पटना , अक्टूबर 18 -- बिहार के कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने रविवार को कहा कि राज्य में मशरूम उत्पादन की अपार संभावनाओं को देखते हुए सरकार छोटे और सीमांत किसानों की आय बढ़ाने तथा ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार के अवसर विकसित करने के लिए प्रयासरत है और इसी उद्देश्य से राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 में पटना स्थित भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के पूर्वी अनुसंधान परिसर में मशरूम स्पॉन उत्पादन-सह-प्रदर्शन इकाई की स्थापना के लिए 61 लाख 60 हजार 741 रुपये की निकासी एवं व्यय की स्वीकृति दी गई है।
श्री सिन्हा ने कहा कि बिहार मशरूम उत्पादन में पूरे देश में पहले स्थान पर है और राज्य में इसके उत्पादन की व्यापक संभावनाएं हैं। सरकार का उद्देश्य किसानों को कम लागत वाली कृषि गतिविधियों से जोड़कर उनकी आय बढ़ाना और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर सृजित करना है।
कृषि मंत्री ने कहा कि प्रस्तावित इकाई के माध्यम से किसानों को मशरूम उत्पादन की आधुनिक तकनीकों, गुणवत्तापूर्ण स्पॉन के उपयोग और वैज्ञानिक खेती के तरीकों की जानकारी मिलेगी। इसके साथ ही प्रशिक्षण और प्रदर्शन के जरिए किसानों की उत्पादन क्षमता बढ़ाने में मदद मिलेगी।
श्री सिन्हा ने कहा कि मशरूम की खेती कम भूमि में भी की जा सकती है। ऐसे में छोटे और सीमांत किसान पारंपरिक खेती के साथ इसे अपनाकर अपनी आमदनी के अतिरिक्त स्रोत विकसित कर सकते हैं। मशरूम उत्पादन के लिए गुणवत्तापूर्ण स्पॉन, उपयुक्त तकनीक, अनुकूल वातावरण और बेहतर प्रबंधन आवश्यक हैं। प्रस्तावित इकाई इन पहलुओं पर किसानों को व्यावहारिक जानकारी उपलब्ध कराने में सहायक होगी।
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