बक्सर , मार्च 15 -- जनसुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने रविवार को कहा कि प्रदेश में नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री पद से हटने के बाद बिहार के नीतिगत फैसले गुजरात के आर्थिक हितों को ध्यान में रख कर लिए जाएंगे।
श्री किशोर ने आरोप लगाया कि बिहार चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की जीत चुनाव आयोग के माध्यम से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राजनीतिक हथकंडों और मतदाताओं को चुनाव के समय दस हजार रुपये की सौगात की वजह से हुई थी। उन्होंने कहा कि चूंकि यह जीत भाजपा के प्रयासों से आई थी, इसलिए नीतीश कुमार का लम्बे समय तक कुर्सी पर कायम रहना संभव नही था।
जनसुराज के सूत्रधार ने कहा कि भारत के चुनावी इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है कि दो तिहाई बहुमत ला कर गठित सरकार का मुखिया तीन महीने के अंदर गद्दी छोड़ कर जा रहा है। उन्होंने कहा कि भाजपा चुनाव के समय अपने किये गए प्रयासों के बदले बिहार के मुख्यमंत्री की कुर्सी चाहती है। उन्होंने कहा कि चुनावी हथकंडे नही अपनाए गए होते तो नीतीश कुमार की पार्टी को बिहार में 25 सीटें भी नही आती। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री इस बात को जानते हैं और इसीलिए अपना मुख्यमंत्री का पद छोड़ कर दिल्ली जाने को तैयार हो गए हैं। उन्होंने कहा कि अब नया मुख्यमंत्री भाजपा की पसंद का होगा और बिहार का सम्पूर्ण नीति निर्धारण गुजरात के आर्थिक हितों के अनुरूप तय किया जाएगा।
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