पटना , फ़रवरी 28 -- बिहार में बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए यूनिसेफ़ ने शनिवार को एक संवाद आयोजित किया,जिसमें विधायकों, समिति अध्यक्षों और नीति विशेषज्ञों ने भाग लिया।
इस परामर्श बैठक का उद्देश्य विधायी निगरानी को सशक्त बनाते हुए बिहार में बच्चों के समग्र विकास के लिए ठोस कदमों पर चर्चा करना था। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता बिहार विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने की। संवाद में बाल स्वास्थ्य एवं पोषण, शिक्षा और सीखने के स्तर, स्वच्छता, बाल संरक्षण, किशोर विकास तथा वंचित वर्गों की समावेशिता जैसे प्रमुख मुद्दों पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया।
विधानसभा अध्यक्ष श्री कुमार ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि यूनिसेफ़ के सहयोग से भारत सरकार और बिहार सरकार ने राज्य में विद्यालयों में नामांकन, टीकाकरण कवरेज और बाल पोषण में उल्लेखनीय प्रगति की है। हालांकि, उन्होंने स्वीकार किया कि चुनौतियाँ अभी भी बनी हुई हैं। उन्होंने बच्चों को राज्य की सबसे बड़ी पूंजी बताते हुए सरकार, समुदाय और परिवारों के समन्वित प्रयासों पर बल दिया, जिससे बिहार के हर बच्चे को सुरक्षित, स्वस्थ और समान अवसरों से युक्त भविष्य सुनिश्चित किया जा सके।
यूनिसेफ़ बिहार प्रमुख आर्टाशेस मिर्ज़ोयान ने विधायकों से बच्चों को "चैंपियन" बनने का आह्वान किया। उन्होंने विधायकों से कहा कि उनके पास बच्चों के जीवन को आकार देने की असाधारण शक्ति है, एक ऐसी शक्ति जिसे कोई एनजीओ, कोई यूएन एजेंसी या कोई विभाग दोहरा नहीं सकता। उन्होंने कहा कि विधायक कानून बनाते हैं, बजट स्वीकृत करते हैं और राज्य की सर्वोच्च परिषदों में जनता की आवाज़ हैं, इसलिए बिहार के विकास एजेंडा के केंद्र में बच्चों को रखना आवश्यक है।" उन्होंने यह भी कहा कि विधायी निगरानी को मजबूत करने से नीतियों का वास्तविक लाभ सुनिश्चित होगा, खासकर सबसे वंचित और कमजोर वर्गों के बच्चों तक विकास के लाभ पहुंचाना आवश्यक है।
अल्पसंख्यक समिति के अध्यक्ष एवं विधायक अख़तरुल ईमान ने कहा कि बच्चों का कल्याण नीति-निर्माताओं की सर्वोच्च प्राथमिकता होना चाहिए। उन्होंने यूनिसेफ़ की तरफ से आयोजित इस कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे मंच बच्चों और किशोरों की वास्तविक समस्याओं को समझने का अवसर प्रदान करते हैं। उन्होंने विधायकों से इन मुद्दों को गंभीरता से लेते हुए बच्चों के अधिकारों और उनके कल्याण की रक्षा के लिए ठोस नीतिगत कदम उठाने का आग्रह किया।
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