, Oct. 26 -- कार्यशाला में केंद्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ उठाकर पैक्सों की व्यावसायिक गतिविधियों को विस्तार देने पर भी विशेष जोर दिया गया। इस दौरान सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों के लिए क्रेडिट गारंटी योजना, खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों के औपचारिकीकरण की योजना, कृषि अवसंरचना कोष, पीएम किसान समृद्धि केंद्र, पीएम-कुसुम योजना और जीविका के माध्यम से उपलब्ध व्यावसायिक संभावनाओं पर जानकारी दी गई। इन योजनाओं से जुड़कर पैक्स भंडारण सुविधाओं के विकास, सौर ऊर्जा के उपयोग, ग्रामीण खाद्य प्रसंस्करण और अन्य आयपरक गतिविधियों में अपनी भागीदारी बढ़ा सकते हैं।
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