पटना , सितंबर 01 -- बिहार के कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने मंगलवार को कहा कि बिहार में चल रहे डिजिटल क्रॉप सर्वे को ऐसे मास्टर ट्रेनर्स अंजाम दे रहे हैं, जिन्हें विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया गया है।
श्री सिन्हा ने कहा कि प्रशिक्षित मास्टर ट्रेनर्स के माध्यम से जमीनी स्तर पर सर्वे से जुड़े कर्मियों को तकनीकी मार्गदर्शन दिया जा रहा है, जिससे सर्वे का कार्य सटीक, पारदर्शी एवं समयबद्ध तरीके से पूरा किया जा सके।
कृषि मंत्री ने कहा कि अब तक करीब 41 लाख प्लॉट का डिजिटल सर्वे पूरा किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि राज्य के सभी 38 जिलों में शारदीय (खरीफ) 2026 के लिए डिजिटल क्रॉप सर्वे जारी है। कृषि विभाग द्वारा इस वर्ष खरीफ मौसम में कुल 2 करोड़ 62 लाख 84 हजार 716 प्लॉट के सर्वे का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने बताया कि डिजिटल क्रॉप सर्वे का कार्य 13 अगस्त 2026 से प्रारंभ हुआ है और इसे 30 सितंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने कहा कि सर्वे के माध्यम से खेत में बोई गई फसल का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जा रहा है। इससे आने वाले समय में किसानों एवं कृषि विभाग को मोबाइल के माध्यम से फसल संबंधी अद्यतन जानकारी उपलब्ध कराने में सहायता मिलेगी।
श्री सिन्हा ने बताया कि डिजिटल क्रॉप सर्वे के तहत अत्याधुनिक तकनीक का उपयोग करते हुए खेत, फसल तथा उसकी जियो-टैग्ड तस्वीर सहित आवश्यक विवरण मोबाइल ऐप के माध्यम से दर्ज किए जा रहे हैं। इससे यह सटीक जानकारी प्राप्त हो सकेगी कि राज्य के किस क्षेत्र में, किस किसान के किस प्लॉट में कौन-सी फसल बोई गई है। सर्वे में धान सहित खरीफ की प्रमुख फसलों, बागवानी फसलों तथा एक माह से अधिक समय पूर्व रोपी गई फसलों को भी शामिल किया गया है।
कृषि मंत्री ने कहा कि डिजिटल क्रॉप सर्वे से फसल आच्छादन का अधिक सटीक एवं व्यवस्थित आंकड़ा उपलब्ध हो सकेगा। इसके माध्यम से मौसमवार एवं फसलवार आच्छादन का आकलन करने के साथ-साथ कृषि क्षेत्र में उत्पादन एवं उत्पादकता के पूर्वानुमान में भी सहायता मिलेगी। उन्होंने बताया कि डिजिटल क्रॉप सर्वे को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा करने के लिए राज्य के सभी जिलों में कृषि समन्वयक, प्रखंड तकनीकी प्रबंधक, सहायक तकनीकी प्रबंधक एवं किसान सलाहकार सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं। सर्वे की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए मुख्यालय स्तर के पदाधिकारियों द्वारा नियमित निगरानी की जा रही है। जिलों में आकस्मिक क्षेत्र भ्रमण के साथ-साथ दैनिक एवं साप्ताहिक प्रगति रिपोर्ट के माध्यम से सर्वे कार्य की लगातार समीक्षा की जा रही है।
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