, April 4 -- हिन्दी विभाग के प्रो.विजय कुमार ने कहा बाबू जगजीवन राम ने छात्र जीवन से लेकर जीवन के अंतिम समय तक सामाजिक-आर्थिक असमानता और शोषण के विरुद्ध आवाज उठाते रहे।
हिन्दी विभाग के वरीय प्राध्यापक डॉ.सुरेन्द्र प्रसाद सुमन ने कहा कि वर्तमान समय में जब देश में स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व को खतरा हो ऐसे में बाबू जगजीवन राम के विचार आज भी प्रासंगिक हैं।
कार्यक्रम में अध्यक्षीय उद्बोधन देते हुए डॉ.अनिल कुमार चौधरी ने कहा कि राष्ट्र निर्माण के लिये सामाजिक क्रांति अपरिहार्य है। उन्होंने कहा कि श्रम मंत्री रहते हुए जगजीवन राम ने श्रमिकों के कल्याण एवं सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अनेक कानूनों का निर्माण किया। वहीं नागरिक उड्डयन मंत्री के रूप में उन्होंने राष्ट्रीयकरण कर एयर इंडिया और इंडियन एयरलाइंस की स्थापना की एवं डाकघर को गांव-गांव तक पहुंचा। उन्होंने कहा कि कृषि मंत्री के रूप में उन्होंने हरित क्रांति की सूत्रपात की।
स्वागत भाषण विभागीय शिक्षक डॉ.मनोज कुमार ने दिया एवं धन्यवाद ज्ञापन विभागीय शिक्षक डॉ.रघुवीर कुमार रंजन ने दिया। मंच संचालन विभाग के छात्र शशि राज ने किया।
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