पटना, जुलाई 10 -- बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने प्रदेश के आम लोगों, जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों से आग्रह किया है कि वह बिहार मुक्त विद्यालयी शिक्षण एवं परीक्षा बोर्ड (बीबोस) के माध्यम से अधिक से अधिक लोगों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के अभियान में सहभागी बनें।

श्री तिवारी ने कहा कि ओपन स्कूल के रूप में बीबोस शिक्षा से वंचित बच्चों, युवाओं और वयस्कों के लिए एक सशक्त एवं प्रभावी विकल्प बनकर उभरा है।

उन्होंने बताया कि बीबोस के तहत पिछले एक वर्ष में कुल 39,710 शिक्षार्थियों ने नामांकन कराया है। इनमें 10वीं कक्षा में 21,370 तथा 12वीं कक्षा में 18,340 नामांकन शामिल हैं। इन शिक्षार्थियों में बड़ी संख्या में महिलाएं भी हैं, जो राज्य में बढ़ती शैक्षणिक जागरूकता का सकारात्मक संकेत है।

शिक्षा मंत्री ने कहा कि जून माह के सत्र में अबतक 17,730 शिक्षार्थियों ने नामांकन कराया, जबकि 22,626 शिक्षार्थियों ने परीक्षा में भाग लिया। यह दर्शाता है कि शिक्षा से वंचित लोगों के बीच बीबोस की पहुंच और विश्वास दोनों लगातार बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि नियमित शिक्षा से किसी कारणवश दूर रह गए लोगों को बीबोस नई शुरुआत का अवसर प्रदान कर रहा है।

श्री तिवारी ने बताया कि वर्तमान सत्र में नामांकन की अंतिम तिथि 17 जुलाई तय है। उन्होंने इच्छुक अभ्यर्थियों से समय रहते नामांकन कराने का आग्रह करते हुए कहा कि शिक्षा जीवन को नई दिशा देने का सबसे प्रभावी माध्यम है और राज्य सरकार प्रत्येक व्यक्ति तक शिक्षा की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि समाज के सभी वर्गों के सहयोग से ही शिक्षा का विस्तार संभव है। इसलिए जनप्रतिनिधि, सामाजिक संगठन, शिक्षाविद, अभिभावक एवं जागरूक नागरिक अपने आसपास के ऐसे लोगों को बीबोस से जुड़ने के लिए प्रेरित करें, जो किसी कारणवश अपनी पढ़ाई पूरी नहीं कर सके हैं।

शिक्षा मंत्री ने भरोसा जताया कि सामूहिक प्रयासों से राज्य में शिक्षा का दायरा और व्यापक होगा तथा अधिक से अधिक लोग अपने शैक्षणिक और व्यावसायिक लक्ष्यों को प्राप्त कर सकेंगे।

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