, March 18 -- समीक्षा के दौरान बालू, पत्थर एवं ईंट से प्राप्त राजस्व, कार्य विभाग से होने वाले संग्रहण, नीलाम पत्र एवं दंड से प्राप्त राशि की स्थिति का विश्लेषण किया गया। दैनिक राजस्व संग्रहण लक्ष्य की उपलब्धि, विभागीय समन्वय की स्थिति तथा कार्य विभाग से प्राप्त होने वाले राजस्व की अद्यतन प्रगति पर विशेष रूप से चर्चा की गई। साथ ही बालू घाटों की नीलामी, नीलामित घाटों के सुचारु संचालन, प्रत्यर्पित घाटों की पुनर्नीलामी की स्थिति तथा सत्र 2025-26 के भट्टों से संबंधित भुगतान की समीक्षा भी विस्तार से की गई।
पर्यावरणीय स्वीकृति से संबंधित लंबित मामलों पर निदेशक श्री मीणा ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी लंबित प्रक्रियाओं का त्वरित निष्पादन करते हुए बालू घाटों का संचालन नियमों के अनुरूप सुनिश्चित किया जाए। कार्य विभाग से संबंधित राजस्व प्राप्ति की भी समीक्षा की गई, जिसमें रॉयल्टी और जुर्माना प्राप्त करने का निर्देश दिया गया।
श्री मीणा ने सभी पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि लंबित निविदा एवं नीलामी प्रक्रियाओं को समयबद्ध तरीके से शीघ्र पूर्ण किया जाए तथा कार्य विभाग से प्राप्त होने वाले राजस्व पर विशेष ध्यान केंद्रित किया जाए। बड़े जिलों को विशेष अभियान चलाकर लंबित देयों की वसूली सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया गया।
उन्होंने पारदर्शिता, जवाबदेही एवं सतत निगरानी को लक्ष्य प्राप्ति का आधार बताते हुए सभी पदाधिकारियों को गंभीरता एवं प्रतिबद्धता के साथ कार्य करने का आह्वान किया।
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