, May 18 -- विकास आयुक्त ने कहा कि कृषि, एमएसएमई, स्वरोजगार, महिला सशक्तिकरण, स्टार्टअप एवं ग्रामीण विकास से जुड़े क्षेत्रों में ऋण प्रवाह बढ़ने से राज्य की आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिली है। विकास आयुक्त ने किसान क्रेडिट कार्ड के क्रियान्वयन पर विशेष जोर देते हुए कहा कि किसानों को समय पर ऋण सुविधा उपलब्ध कराना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने सभी बैंकों को निर्देश दिए कि केसीसी के वितरण एवं नवीनीकरण की प्रक्रिया को सरल एवं त्वरित बनाया जाए।उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी द्वारा आम जनता की समस्याओं के समाधान करने के उद्देश्य से "सहयोग शिविर" का आयोजन 19 मई से प्रारंभ किया जाएगा। इसके बाद प्रत्येक 15 दिनों पर नियमित रूप से ऐसे शिविर आयोजित किए जाएंगे, जिनमें केसीसी से संबंधित मामलों जैसे, आवेदन, नवीनीकरण एवं अन्य बैंकिंग समस्याओं का समाधान भी किया जाएगा।

बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि किसान क्रेडिट कार्ड योजना को "जन समर्थ" पोर्टल के साथ एकीकृत किया जाएगा, जिससे किसानों को डिजिटल माध्यम से शीघ्र एवं पारदर्शी ऋण सुविधा उपलब्ध हो सके।

बैठक में विभिन्न बैंकों के वरिष्ठ पदाधिकारी, राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति के प्रतिनिधि तथा संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

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