, May 29 -- यह परियोजना 2.20 एकड़ क्षेत्र में स्थापित की जाएगी, जिसके माध्यम से राज्य में आधुनिक मखाना प्रसंस्करण, पैकेजिंग एवं मूल्य संवर्धन गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। प्रस्तावित इकाई से लगभग 300 प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होने का अनुमान है, जिससे स्थानीय युवाओं एवं ग्रामीण समुदायों को आर्थिक रूप से लाभ मिलेगा। यह परियोजना राज्य के मखाना उद्योग को आधुनिक तकनीक, बेहतर उत्पादन क्षमता एवं राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुँच बनाने में सहायता करेगी। साथ ही, यह परियोजना किसानों, उद्यमियों एवं स्थानीय आपूर्ति श्रृंखला को भी सुदृढ़ करेगी। उद्योग मंत्री सुश्री श्रेयसी सिंह ने कहा, "बिहार सरकार राज्य के पारंपरिक एवं कृषि आधारित उद्योगों को आधुनिक औद्योगिक ढांचे से जोड़ने के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि 'मिथिला मखाना' को वर्ष 2022 में भौगोलिक संकेतक (जीआई) टैग प्राप्त होना बिहार के लिए गर्व की बात है, जिसने राज्य के मखाना उत्पादकों को एक विशिष्ट पहचान प्रदान की है। उन्होंने कहा कि मखाना आधारित प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना से राज्य में खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र को नई मजबूती मिलेगी। इससे न केवल स्थानीय स्तर पर रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर बढ़ेंगे, बल्कि किसानों को बेहतर बाजार और उनके उत्पाद का बेहतर मूल्य भी प्राप्त होगा।

उद्योग विभाग के सचिव सह प्रबंध निदेशक, बियाडा एवं आएडा, कुंदन कुमार ने कहा कि बिहार सरकार निवेशकों को अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि राज्य में खाद्य प्रसंस्करण एवं कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने के लिये बेहतर अवसंरचना, सुगम प्रक्रियाएँ एवं नीतिगत सहयोग सुनिश्चित किया जा रहा है, जिससे परियोजनाओं का त्वरित एवं प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सके।

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