, May 12 -- प्रो. झा ने कहा कि मखाना खेती में परंपरागत पद्धतियों के साथ-साथ आधुनिक तकनीकों एवं मशीनों का उपयोग बढ़ रहा है, जिससे उत्पादन क्षमता में वृद्धि हो रही है। उन्होंने कहा कि मखाना उद्योग में महिलाओं की सहभागिता लगातार बढ़ रही है और यह ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार एवं आय का महत्वपूर्ण माध्यम बनता जा रहा है।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए विभागाध्यक्ष डॉ. अम्बरीष कुमार झा ने कहा कि मखाना उद्योग बिहार की अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने की क्षमता रखता है। उन्होंने कहा कि यदि इसके उत्पादन, प्रसंस्करण और विपणन को आधुनिक तकनीकों से जोड़ा जाए तो यह राज्य में रोजगार सृजन एवं आय वृद्धि का बड़ा माध्यम बन सकता है।

कार्यक्रम का संचालन अर्थशास्त्र विभाग की शिक्षिका डॉ. शीला यादव ने किया। इस अवसर पर सहायक प्राचार्य नवीन कुमार, डॉ. मो. मसरूर आलम, शोधार्थी कृष्ण कुमार यादव, शिवम कुमार एवं रितेश कुमार सहित बड़ी संख्या में पीजी द्वितीय एवं चतुर्थ सेमेस्टर के छात्र-छात्राएँ उपस्थित थी।

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