पटना , मई 27 -- बिहार मंत्रिमंडल ने बुधवार को सड़क अवसंरचना, न्यायपालिका, स्वास्थ्य सेवाओं, सिंचाई, रोजगार सृजन और प्रशासनिक सुधारों से जुड़े 27 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी है ।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में बिहार स्टेट हाईवे प्रोजेक्ट-4 (बीएसएचपी-04 ) के तहत कई सड़क परियोजनाओं को स्वीकृति दी गई। इनमें मधुबनी-राजनगर-बाबूबरही-खुटौना सड़क, सीतामढ़ी-पुपरी-बेनीपट्टी सड़क, विशनपुर-अतरबेल-जाले-घोघरडीहा सड़क, गणपतगंज-परवाहा सड़क तथा ब्रह्मपुर-कोरना सराय-इटाढ़ी-बक्सर सड़क परियोजनाओं के चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण के कार्य शामिल हैं।
एक बड़े प्रशासनिक सुधार के तहत कैबिनेट ने विभिन्न सरकारी संकल्पों में श्रम संसाधन विभाग के स्थान पर युवा, रोजगार एवं कौशल विकास विभाग का नाम लागू करने की स्वीकृति दी। साथ ही रोजगार और कौशल विकास कार्यक्रमों को मजबूत करने के लिए विभाग की विभिन्न शाखाओं में नए पदों के सृजन को भी मंजूरी दी गई।
राज्य सरकार ने बिहार जल सुरक्षा एवं सिंचाई आधुनिकीकरण परियोजना के लिए 102.98 करोड़ रुपये स्वीकृत किए, जबकि वित्तीय वर्ष 2026-27 में सभी 38 जिलों में जिला निबंधन एवं परामर्श केंद्रों के संचालन और रखरखाव के लिए 65 करोड़ रुपये मंजूर किए गए।
स्वास्थ्य संबंधी फैसलों में मंत्रिमंडल ने पटना मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में 39 पदों के सृजन के साथ स्पाइन सब-स्पेशियलिटी यूनिट की स्थापना को मंजूरी दी। इसके अलावा बिहार सरकारी स्वास्थ्य योजना के तहत विधायकों, कार्यरत एवं सेवानिवृत्त सरकारी कर्मचारियों, पेंशनभोगियों और उनके आश्रितों के लिए कैशलेस चिकित्सा सुविधा को भी स्वीकृति दी गई।
कैबिनेट ने बिहार विशेष सर्वेक्षण एवं बंदोबस्त नियमावली 2026, बिहार सचिवालय लिपिकीय सेवा संशोधन नियमावली 2026 तथा बिहार रैयती भूमि क्रय नीति 2026 समेत कई सेवा नियमों और नीतियों में संशोधन को भी मंजूरी प्रदान की।
इसके साथ ही मंत्रिमंडल ने शेखपुरा और गोपालगंज में आईबी कार्यालय बनाने के लिए केंद्र को सशुल्क भूमि हस्तांतरण और बेगूसराय जिलान्तर्गत अंचल-खोदावंदपुर में उप कारा के निर्माण के लिए गृह विभाग, बिहार को निःशुल्क अन्तर्विभागीय स्थायी हस्तान्तरण को मंजूरी दी।
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