, April 29 -- पथ निर्माण विभाग के सचिव श्री पाल ने कहा कि अब सभी तरह के 25 लाख से 50 करोड़ रुपये तक के सिविल कार्यों में राज्य सरकार स्थानीय ठेकेदारों को तवज्जो देगी या ऐसे संवेदकों को ये कार्य दिए जाएंगे, जो स्थानीय निवासी हैं। अगर किसी कंपनी को यह कार्य दिया गया, तो उसमें 51 फीसदी शेयर होल्डर बिहार के लोगों का होना अनिवार्य होगा। राज्य सरकार की तरफ से हाल में एक करोड़ रोजगार और नौकरी देने की घोषणा को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है। इससे रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। शिक्षा विभाग के सचिव दिनेश कुमार ने कहा कि सात निश्चय-3 में उन्नत शिक्षा-उज्जवल भविष्य के अंतर्गत सभी जिला स्कूल और प्रत्येक प्रखंड में चयनित एक-एक उच्च माध्यमिक विद्यालय को आदर्श विद्यालय (मॉडल स्कूल) के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 में 800 करोड़ रुपये की राशि जारी की गई है।
ग्रामीण कार्य विभाग के सचिव दिवेश सेहरा ने बताया कि पहले ग्रामीण सड़कों और पुलों का निर्माण पैकेज के तौर पर होता था। यानी किसी एक क्षेत्र में बनने वाले सभी सड़कों और पुलों को समेकित रूप से एक पैकेज बनाकर इनका टेंडर किया जाता था। परंतु अब इनका अलग-अलग योजनावार टेंडर करके निर्माण कराया जाएगा।
ऊर्जा विभाग के सचिव मनोज कुमार सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री विद्युत उपभोक्ता सहायता योजना के अंतर्गत राज्य सरकार की तरफ से 23 हजार 165 करोड़ रुपये अनुदान के तौर पर स्वीकृत करते हुए अप्रैल 2026 से मार्च 2027 तक के लिए प्रति महीने 1500 करोड़ रुपये की दर से जारी करने की अनुमति दी गई है। यह राशि रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के माध्यम से सीधे एनटीपीसी लिमिटेड को दी जाएगी। यह पहल लोगों को सस्ती दर और प्रत्येक महीने 125 यूनिट मुफ्त बिजली मुहैया कराने के लिए की गई है। इसके अलावा कैबिनेट की बैठक में विभिन्न विभागों के भवन निर्माण से जुड़ी योजनाओं को मूर्तरूप देने के लिए जमीन अधिग्रहण की अमुमति और राशि जारी करने की अनुमति प्रदान की गई है।
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