, Oct. 6 -- इस अवसर पर अंकित रंजन ने कहा कि कुमारी श्वेता एवं सुरभि सुमन ने आयोजन की तैयारियों एवं कलाकारों के समन्वय में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। दोनों संयोजकों ने लगातार प्रयास करते हुए कई नए कलाकारों को भी मंजूषा हटिया से जोड़ा है, जिसके लिए वे बधाई के पात्र हैं। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ और युवा कलाकारों का इस प्रकार मिलकर कार्य करना मंजूषा कला के भविष्य के लिए सकारात्मक संकेत है।मंजूषा कलाकारों ने आयोजन के सफल संचालन एवं कलाकारों को मंच तथा बाजार उपलब्ध कराने के लिए जिला प्रशासन, भागलपुर तथा कला एवं संस्कृति विभाग के प्रति आभार व्यक्त किया।

कलाकारों ने कहा कि नियमित रूप से आयोजित होने वाली मंजूषा हटिया के कारण उन्हें अपनी कला प्रदर्शित करने, नए ग्राहकों से जुड़ने और अपनी रचनाओं को बाजार तक पहुंचाने का अवसर मिल रहा है।

कार्यक्रम के सफल आयोजन ने यह संदेश दिया कि लोककला का संरक्षण केवल उसके पारंपरिक स्वरूप को बचाए रखने तक सीमित नहीं है, बल्कि उसे कलाकारों की आजीविका, नए प्रयोग, आधुनिक बाजार और नई पीढ़ी से जोड़ना भी उतना ही आवश्यक है। मंजूषा हटिया इसी दिशा में भागलपुर की लोककला एवं कलाकारों को एक मजबूत मंच प्रदान करने की निरंतर पहल है।

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