, March 26 -- मंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि अगले एक महीने के भीतर यह सुविधा सभी जिलों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएससी) तक पहुंच जाए, जिससे ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों की महिलाओं को इलाज के लिए लंबी दूरी तय न करनी पड़े। अब वे अपने ही प्रखंड स्तर पर यह सुविधा प्राप्त कर सकेंगी।
उन्होंने एनीमिया मुक्त बिहार अभियान में आशा कार्यकर्ताओं और आंगनबाड़ी सेविकाओं की भूमिका को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। साथ ही जनप्रतिनिधियों से अपील की कि वे इस अभियान में सक्रिय सहयोग दें और व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाकर इसे गांव-गांव तक पहुंचाएं।
श्री पांडेय ने कहा कि राज्य में शिशु मृत्यु दर और मातृ मृत्यु दर में उल्लेखनीय कमी आई है, लेकिन अभी इसमें और सुधार की आवश्यकता है। सरकार का लक्ष्य इन दरों को एक अंक में लाना है।
इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग के सचिव लोकेश कुमार ने कहा कि आने वाले समय में बिहार का स्वास्थ्य विभाग देश के लिए एक मॉडल के रूप में स्थापित होगा।
कार्यक्रम में विभाग के अधिकारी (ईडी) अमित पांडेय, डॉ. अनुपमा सहित सभी जिलों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े स्वास्थ्यकर्मी और पदाधिकारी उपस्थित थे।
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