, Feb. 26 -- सभी समाहर्ताओं एवं अपर समाहर्ताओं को निर्देश दिया गया है कि क्षेत्रीय भ्रमण के दौरान यदि किसी दलाल या मुंशी की पहचान होती है तो उनके विरुद्ध धोखाधड़ी, आपराधिक षड्यंत्र एवं सरकारी कार्य में बाधा डालने जैसी धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कराई जाए। इसके लिए भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं में कार्रवाई करने का अधिकार अंचल अधिकारियों को दिया गया है।यदि किसी अंचल अधिकारी या हल्का कर्मचारी की संलिप्तता पाई जाती है, तो त्रि-सदस्यीय जिला स्तरीय जांच दल गठित कर अलग से जांच कराई जाएगी और दोषी पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई होगी।

राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि शहरी क्षेत्रों में भू-माफियाओं के प्रकोप से नागरिकों को राहत दिलाना प्राथमिकता है। इसके लिए जिला स्तर पर विशेष निगरानी तंत्र विकसित करने का निर्देश दिया गया है, जिससे संगठित रूप से भू-माफिया तंत्र को समाप्त किया जा सके।

उपमुख्यमंत्री और राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा है कि राजस्व प्रशासन में दलाल, मुंशी और भू-माफिया किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में राज्य सरकार की नीति स्पष्ट है, बिचौलियों पर पूर्ण रोक और सीधे जनता को पारदर्शी सेवा।उन्होंने चेतावनी दी कि भू-माफिया या दलालों की पहचान होते ही भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की सख्त धाराओं में प्राथमिकी दर्ज होगी। यदि किसी अधिकारी-कर्मचारी की संलिप्तता पाई गई तो उनपर भी कठोरतम विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई तय है। विधि का शासन सर्वोपरि है।

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