, April 2 -- संयुक्त सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि फसल क्षति का आकलन शीघ्र पूरा कर प्रभावित किसानों को निर्धारित मुआवजा राशि का त्वरित भुगतान सुनिश्चित किया जाए। इसी प्रकार अगलगी की घटनाओं में प्रभावित परिवारों को अनुग्रह अनुदान की राशि, बर्तन-वस्त्र एवं गृह क्षति के लिए दी जाने वाली सहायता का भुगतान बिना किसी विलंब के किया जाए। बैठक में सभी जिलों को निर्देश दिया गया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों की अद्यतन स्थिति रिपोर्ट नियमित रूप से विभाग को भेजें, जिससे विभागीय स्तर पर समुचित समीक्षा एवं आवश्यक निर्णय लिए जा सकें।बैठक में गर्मी के मौसम को देखते हुए लू (हीटवेव) की संभावित स्थिति पर भी विशेष ध्यान दिया गया।

संयुक्त सचिव ने सभी संबंधित अधिकारियों को निदेश दिया कि वे लू से बचाव के लिए व्यापक स्तर पर तैयारी सुनिश्चित करें। इसमें पेयजल की उपलब्धता, सार्वजनिक स्थानों पर छाया की व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाओं की तत्परता एवं जन-जागरूकता अभियान शामिल हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी स्थिति में आमजन को परेशानी न हो, इसके लिए सभी विभाग समन्वय के साथ कार्य करें।

बैठक में लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग, राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र, राज्य आपदा मोचन बल एवं राष्ट्रीय आपदा मोचन बल के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त सभी जिलों के अपर समाहर्ता (आपदा), सहायक आपदा प्रबंधन पदाधिकारी तथा कार्यपालक अभियंता ऑनलाइन माध्यम से बैठक में जुड़े और अपने-अपने जिलों की स्थिति से अवगत कराया।

संयुक्त सचिव ने सभी अधिकारियों को निदेश दिया कि वे आपदा प्रबंधन से संबंधित सभी कार्यों में तत्परता, पारदर्शिता एवं संवेदनशीलता बनाए रखें, जिससे प्रभावित लोगों को समय पर राहत पहुंचाई जा सके।

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