पटना , सितंबर 11 -- बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने शुक्रवार को कहा है कि सभी हितधारकों से प्राप्त सुझाव के आधार पर बिहार भवन उपविधि-2026 के प्रारूप को अधिक प्रभावी, सरल, पारदर्शी और जनोपयोगी बनाया जायेगा।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की तरफ से भवन निर्माण से संबंधित नियमों और प्रक्रियाओं को व्यावहारिक एवं सुगम बनाने के साथ राज्य के शहरी क्षेत्रों के सुनियोजित विकास को प्राथमिकता दी जा रही है।
श्री चौधरी की अध्यक्षता में शुक्रवार को बिहार भवन उपविधि-2026 के प्रारूप की समीक्षा के लिए उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गयी। बैठक में प्रारूप के विभिन्न प्रावधानों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया तथा इसे सरल, पारदर्शी, प्रभावी और जनोपयोगी बनाने के लिए प्राप्त सुझावों पर चर्चा की गयी।
बैठक में भारत सरकार के कैबिनेट सचिवालय के विशेष सचिव के.के. पाठक, बिहार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, नगर विकास एवं आवास विभाग के प्रधान सचिव विनय कुमार, विशेष सचिव नीलेश रामचन्द्र देवरे, पटना नगर निगम के आयुक्त यशपाल मीणा सहित अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित थे।
नगर विकास एवं आवास मंत्री नीतीश मिश्रा ने कहा कि बिहार भवन उपविधि-2026 का प्रारूप पारदर्शिता, सरलता, त्वरित प्रक्रिया और सतत विकास के सिद्धांतों को केंद्र में रखकर तैयार किया गया है। इसका उद्देश्य भवन निर्माण से जुड़ी प्रक्रियाओं को अधिक सुगम एवं समयबद्ध बनाते हुए राज्य के शहरी क्षेत्रों में सुनियोजित और आधुनिक विकास को गति देना है।
श्री मिश्रा ने कहा कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के विकसित बिहार के विजन के अनुरूप तैयार किया गया यह प्रारूप राज्य के बदलते शहरी परिदृश्य के अनुरूप एक प्रगतिशील और विकासोन्मुख कदम है। उन्होंने कहा कि सरल एवं पारदर्शी प्रावधानों से भवन निर्माण और निवेश को गति मिलने के साथ आधारभूत संरचना, आर्थिक गतिविधियों तथा रोजगार के अवसरों के विस्तार में मदद मिलेगी।
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