, Sept. 24 -- आयोग ने मामले की सुनवाई के दौरान उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद बैंक के तत्कालीन शाखा प्रबंधक, कैशियर और प्रबंध निदेशक की ओर से सेवा में त्रुटि पाई। आयोग के अध्यक्ष गिरीश मिश्र एवं सदस्य संजीव कुमार ने आदेश में बैंक को मूल राशि 7.95 लाख रुपये तथा शारीरिक एवं मानसिक पीड़ा और वाद व्यय के लिए 25 हजार रुपये का भुगतान दो माह के भीतर करने का निर्देश दिया।
आयोग ने स्पष्ट किया कि आदेश का निर्धारित अवधि में अनुपालन नहीं होने पर आदेश की तिथि से वास्तविक भुगतान की तिथि तक सात प्रतिशत वार्षिक ब्याज भी देय होगा।
आदेश में आयोग ने बैंक प्रबंधन को यह स्वतंत्रता भी दी है कि वह परिवादी को भुगतान की गई राशि तत्कालीन कैशियर से प्राप्त कर सकता है तथा उसके देय दायित्व से इसकी कटौती कर सकता है।
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