, March 12 -- अवैध खनन को रोकने के लिए जिला स्तर पर भी विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं। सारण जिले में चलाए गए अभियान के दौरान 76.01 लाख का जुर्माना लगाया गया और कार्रवाई के क्रम में आठ वाहनों को जब्त किया गया। वैध खनिज व्यापार को बढ़ावा देने के लिए बालू और गिट्टी के भंडारण हेतु ऑनलाइन लाइसेंस प्रणाली लागू की गई है, जिसके तहत अब खननसॉफ्ट पोर्टल के माध्यम से घर बैठे आवेदन किया जा सकता है। अवैध भंडारण के मामलों में जुर्माना तथा प्राथमिकी दर्ज करने प्रावधान किया गया है।
जिला खनिज फाउंडेशन मद से सभी जिलों में ईंट भट्ठों एवं बालूघाटों पर कार्यरत श्रमिकों के हित को ध्यान में रखते हुए उनके पहचान पत्र निर्गत करने की कार्रवाई की जा रही है जिससे श्रमिकों को उनसे संबंधित योजनाओं के लाभ मिल सकें।विभागीय जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए कमजोर प्रदर्शन के कारण आठ जिलों के खनिज विकास पदाधिकारियों को स्पष्टीकरण जारी किया गया है। साथ ही बालू, पत्थर और ईंट से होने वाले राजस्व पर विशेष फोकस करते हुए घाटों की नीलामी और संचालन की नियमित समीक्षा की जा रही है। राज्य में अवैध खनन नियंत्रण के लिए 400 अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती का प्रस्ताव दिया गया है, जिससे अवैध खनन, परिवहन और भंडारण पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सके।
इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि विभाग का स्पष्ट लक्ष्य अवैध खनन पर पूर्ण नियंत्रण स्थापित करना, खनिज राजस्व में वृद्धि करना, पारदर्शी एवं तकनीक आधारित निगरानी व्यवस्था को सुदृढ़ करना तथा वैध खनिज व्यापार को बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा कि तकनीक, सख्त कार्रवाई और जनभागीदारी के माध्यम से बिहार में खनन व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाया जा रहा है तथा राज्य में 'माफिया राज' की जगह पारदर्शी और जवाबदेह खनन व्यवस्था स्थापित करने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
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