, Sept. 6 -- बाढ़ प्रभावित सामुदायिक रसोई केंद्रों के आसपास कुल 20 मेडिकल कैंप लगाए गए हैं। लोगों की त्वरित चिकित्सा सहायता के लिए 28 एम्बुलेंस तथा 6 बोट एम्बुलेंस भी तैनात की गई हैं। बोट एम्बुलेंस बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में भ्रमण कर आवश्यकता के अनुसार लोगों को चिकित्सा एवं अन्य आवश्यक सहायता उपलब्ध करा रही हैं।सभी मेडिकल कैंपों में जीवन रक्षक दवाओं के साथ- साथ सर्पदंश एवं कुत्ता काटने की दवाएं उपलब्ध करा दी गई हैं। गर्भवती महिलाओं, बीमार व्यक्तियों एवं अन्य जरूरतमंदों के लिए आवश्यक चिकित्सा व्यवस्था की निगरानी सिविल सर्जन द्वारा स्वयं की जा रही है।
बाढ़ प्रभावित लोगों को पेयजल की समस्या न हो, इसके लिए पीएचईडी द्वारा पर्याप्त मात्रा में स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था की गई है। प्रभावित क्षेत्रों में पर्याप्त संख्या में अस्थायी शौचालय भी उपलब्ध कराए गए हैं। नगर निगम द्वारा सभी सामुदायिक केंद्रों पर नियमित रूप से साफ-सफाई की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पशुओं की सुरक्षा एवं उपचार के लिए 15 पशु शिविर लगाए गए हैं। इन शिविरों में पशुओं के लिए पर्याप्त मात्रा में पशु चारा तथा इलाज की समुचित व्यवस्था की गई है।
बाढ़ प्रभावित लोगों के बीच अब तक 3,000 पॉलीथीन शीट्स का भी वितरण किया जा चुका है।जिन स्थानों पर तटबंधों में रिसाव अथवा ओवरफ्लो की स्थिति उत्पन्न हुई, वहां जल संसाधन विभाग की टीम द्वारा तत्काल आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई की जा रही है। जिला प्रशासन एवं संबंधित विभागों द्वारा तटबंधों की लगातार निगरानी की जा रही है।
बाढ़ के कारण जहां सड़कें क्षतिग्रस्त हुई हैं, वहां आवश्यकतानुसार मरम्मत कार्य कराया जा रहा है। जिन स्थानों पर अभी पानी जमा है, वहां जलस्तर कम होने के बाद सड़कों की मरम्मत कर आवागमन को सुचारु किया जाएगा।
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