, Sept. 5 -- संभावित खतरों से निपटने और त्वरित राहत व बचाव कार्य के लिए राज्य में एनडीआरएफ की 07 और एसडीआरएफ की 27 टीमों को विभिन्न प्रभावित जिलों में तैनात किया गया है। पटना के गांधीघाट (50.57 मीटर), बंका घाट (49.45 मीटर) और पंडारक (43.79 मीटर) में गंगा नदी का जलस्तर सर्वोच्च जलस्तर (एचएफएल) से ऊपर बह रहा है, जबकि गंडक, कोसी, बूढ़ी गंडक, पुनपुन और घाघरा नदी विभिन्न स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर हैं। सारण जिले के माही नदी में त्रिलोकचक में 20 मीटर में तटबंध क्षतिग्रस्त हुआ है । मौके पर एसडीआरएफ को भेजा गया है। वाल्मीकिनगर बराज पर गंडक नदी का जलस्राव 1.26 लाख क्यूसेक, बीरपुर बराज पर कोसी का जलस्राव 1.77 लाख क्यूसेक और इन्द्रपुरी बराज पर सोन नदी का जलस्राव 3.07 लाख क्यूसेक दर्ज किया गया है।
बिहार मौसम सेवा केंद्र की ओर से अगले दो दिनों में राज्य के अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम एवं कुछ स्थानों पर भारी वर्षा की संभावना जताए जाने के मद्देनजर आपदा प्रबंधन विभाग पूरी स्थिति पर लगातार और सूक्ष्म निगरानी रखे हुए है। जलजमाव रोकने के लिए पटना मे आज बारिश के क्रम में पटना शहर के सभी 56 डीपीएस चालू हैं तथा पटना नगर निगम के 6 अंचलों में कुल 94 पंप (7.5 एचपी-83 एचपी) अतिरिक्त भी जल निकासी हेतु कार्यरत हैं ।
पटना और दानापुर कैनाल में जल संसाधन विभाग द्वारा डिस्चार्ज बंद किया जा रहा है ताकि शहर की जल निकासी पर दवाब न पड़े । विभिन्न छोटे 13 नालों पर गंगा से बैक फ़्लो रोकने के लिये स्लूस गेट बंद कर दिए गए हैं तथा नालों से जल निकासी के लिये पटना नगर निगम द्वारा पंप सेट लगाए जा रहे हैं ।
किसी भी आपातकालीन स्थिति में आपदा प्रबंधन विभाग के राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र के हेल्पलाइन नंबर 1070 पर सम्पर्क किया जा सकता है।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित