, May 9 -- जिला पदाधिकारी ने लाईफ जैकेट, महाजाल, मोटरबोट, सैटेलाइट फोन, पॉलीथिन शीट्स सहित अन्य आवश्यक सामग्रियों का आकलन करने का निर्देश देते हुए कहा कि अतिरिक्त संसाधनों की आवश्यकता होने पर विभाग को तुरंत अधियाचना भेजी जाए। उन्होंने वेयरहाउस में सुरक्षित रखी गयी बाढ़ राहत सामग्रियों की कार्यक्षमता की जांच कराने के भी निर्देश दिए। बैठक में राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) को सभी संसाधनों के साथ अपडेट रहने तथा उपकरणों की कार्यक्षमता की जांच करने के निर्देश दिए गये।वहीं अग्निकांड से प्रभावित परिवारों को सरकार द्वारा निर्धारित सहायता राशि एवं अन्य सुविधाएं समय पर उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया गया।

जिला पदाधिकारी ने कहा कि सहायता भुगतान में किसी प्रकार की देरी नहीं होनी चाहिए तथा लंबित मामलों का तत्काल निष्पादन किया जाए। उन्होंने सम्पूर्ति पोर्टल के अद्यतन, लाभुकों के सत्यापन एवं संबंधित अभिलेखों के संधारण का भी निर्देश दिए ।

जिला पदाधिकारी ने पेयजल व्यवस्था की समीक्षा के दौरान कहा कि पीएचईडी द्वारा सरकारी चापाकलों को सुचारू रखने के लिए मरम्मति दल सक्रिय किया गया है। यदि कहीं चापाकल खराब या अवरुद्ध हो तो तत्काल सूचना देकर उसकी मरम्मति सुनिश्चित करायी जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि कार्य में लापरवाही बरतने वाले मरम्मति दल के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

बैठक में अपर समाहर्ता राजीव रंजन सिन्हा, अपर समाहर्ता आपदा प्रबंधन अमरेन्द्र कुमार, प्रभारी पदाधिकारी आपदा प्रबंधन शाखा नगमा तबस्सुम सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी एवं कार्यपालक अभियंता उपस्थित थे।

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