, Oct. 5 -- पुलिस ने इन आरोपों से अलग अपने बयान में कहा है कि न्यायिक अभिरक्षा के दौरान सुधीश की तबीयत खराब होने पर उसे इलाज के लिए सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मृत्यु हो गयी। पुलिस के अनुसार शव का नियमानुसार पोस्टमार्टम कराया गया है।
पुलिस ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य तथ्यों के आधार पर मृत्यु के कारणों की जांच की जा रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, सदर-2 को पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष एवं तथ्यात्मक जांच कर 24 घंटे के भीतर जांच प्रतिवेदन सौंपने का निर्देश दिया गया है। पुलिस के अनुसार सुधीश के विरुद्ध पूर्व में भी कोटवा थाना कांड संख्या 22/2019 के तहत उत्पाद अधिनियम का मामला दर्ज था और वह पूर्व में जेल जा चुका था।
इस मामले में जांच का महत्वपूर्ण पहलू यह होगा कि पुलिस के अनुसार चिकित्सकीय परीक्षण में सुधीश को 'फिजिकली फिट' पाए जाने का आधार क्या था और उसी चिकित्सा पर्ची में दर्ज "सेंसर अल्कोहलिक ट्रीमोर" का चिकित्सकीय आशय क्या था। इसके साथ ही यह भी जांच का विषय होगा कि केंद्रीय कारा पहुंचने के तुरंत बाद कारा चिकित्सक ने उसे अस्वस्थ क्यों पाया और उसी रात सदर अस्पताल भेजने की आवश्यकता क्यों पड़ी।
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