, July 23 -- यही ट्रेंड 2023 में भी बरकरार रहा, इस वर्ष लगभग 6800 वाहनों में फैंसी नंबर प्लेट लगा, जिससे विभाग को 12 करोड़ रुपये से ज्यादा राजस्व हासिल हुआ है। इसी तरह 2024 में 7789 वाहनों के साथ आय 13 करोड़ को पार कर गई। पटना जिले में 3100 और मुजफ्फरपुर में 690 पसंदीदा नंबर प्लेट रजिस्टर किए गए है। बीते वर्ष 2025 में फैंसी नंबर प्लेट लगवाने वालों की संख्या 8936 पहुंच गई, पटना जिले में 3500 से ज्यादा, गयाजी में 557 और रोहतास में 549 वाहन इसमें शामिल थे। चालू वर्ष 2026 में जनवरी से अब तक 6500 से अधिक वाहनों में फैंसी नंबर प्लेट लग चुकी है, जिससे 10 करोड़ रुपये से ज्यादा की कमाई हो चुकी है। इस दौरान पटना से 2700 से अधिक, गयाजी से 535 और मुजफ्फरपुर से 450 से ज्यादा वाहन मालिक शामिल हैं।

परिवहन सचिव राज कुमार ने इस बढ़ते ट्रेंड को लेकर कहा कि फैंसी नंबर प्लेट की लोकप्रियता बिहार में वाहन संस्कृति के बदलाव को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि लोग अपनी व्यक्तिगत पहचान और स्टेटस दिखाने के लिए इन नंबरों को पसंद कर रहे हैं। विभाग में फैंसी नंबर प्लेट पाने के लिए नियम मौजूद हैं। बिहार मोटर वाहन (संशोधन) नियमावली, 1992 के नियम-64 के तहत फैंसी नंबरों का आवंटन ई-नीलामी के माध्यम से किया जा रहा है, ताकि पारदर्शी तरीके से आवंटन सुनिश्चित हो। गैर-परिवहन (निजी) और परिवहन वाहनों के लिए अलग-अलग आधार शुल्क निर्धारित हैं। वाहन मालिक फैंसी नंबर के लिए पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

नंबर प्लेटों के प्रीमियम नंबर जैसे 0001, 0003, 0005, 0007, 0009 के लिए गैर-परिवहन वाहनों पर एक लाख रुपये और परिवहन वाहनों पर 35 हजार रुपये शुल्क है। अन्य लोकप्रिय नंबर जैसे 1100, 1212, 2525, 9999 आदि भी अधिक पैसे खर्च करके प्राप्त किए जा सकते हैं।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित