, Sept. 19 -- मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस अवसर पर सैयद सबा करीम, कोच एवं पूर्व भारतीय क्रिकेट खिलाड़ी; श्वेता सिंह, वरिष्ठ प्रबंध संपादक, आजतक, ब्रजेश कुमार सिंह, प्रबंध निदेशक एवं सीईओ, केनरा बैंक, न्यायमूर्ति अरुण कुमार, पूर्व न्यायाधीश, पटना उच्च न्यायालय, डॉ. राजीव रंजन, वरिष्ठ चिकित्सक एवं पूर्व सदस्य, एमसीआई; शशांक कुमार, सह-संस्थापक एवं सीईओ, 'देहात'; तथा मधु कुमारी, कोच एवं भारतीय फुटबॉल टीम की पूर्व उपकप्तान को सम्मानित किया।इस अवसर पर श्री सरावगी ने कहा कि पूर्वांचल की पहचान उसकी मिट्टी, लोकपरंपराओं, भाषा, कला और सांस्कृतिक विरासत से जुड़ी है। ऐसे आयोजनों के माध्यम से विभिन्न क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को अपनी जड़ों और सांस्कृतिक परंपराओं से जुड़ने का अवसर मिलता है। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को अपनी विरासत से परिचित कराने के साथ-साथ कलाकारों, प्रतिभाओं और लोक परंपराओं को प्रोत्साहित करना भी जरूरी है।
कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि 'माटी' केवल एक महोत्सव नहीं, बल्कि पूर्वांचल की समृद्ध लोकसंस्कृति, परंपराओं और अपनी जड़ों से जुड़े गौरव को सहेजने तथा नई पीढ़ी तक पहुंचाने का सुंदर प्रयास है। उन्होंने कहा कि इस आयोजन में पूर्वांचल के पारंपरिक व्यंजन, लोकगीत-संगीत, मिलना-मिलाना, परिचर्चा और 'माटी सम्मान' सहित संस्कृति और परंपरा से जुड़े अनेक रंग देखने को मिल रहे हैं।
श्री सिन्हा ने कहा कि माटी से जुड़ाव ही हमारी पहचान है और अपनी संस्कृति, परंपराओं एवं विरासत का संरक्षण सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
कार्यक्रम में विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और परिचर्चाओं के माध्यम से पूर्वांचल की सामाजिक एवं सांस्कृतिक विविधता को सामने रखा गया।
कार्यक्रम में 'माटी' के राष्ट्रीय संयोजक आसिफ आजमी, बिहार संयोजक दानिश इकबाल, सांसद जगदम्बिका पाल सहित कई गणमान्य लोग मौजूद थे।
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