, April 3 -- पंडित रामचंद्र खान स्मृति पुरस्कार निर्णायक मंडल की सदस्य दिल्ली विश्वविद्यालय की प्रोफेसर सुधा सिंह ने कहा कि यह पुस्तक भारत की अर्वाचीन संस्कृति पर प्रकाश डालती है।
कार्यक्रम का विषय प्रवेश कराते हुए डॉ. कुमार वरुण ने कहा कि लोक दर्शन न्यास की परिकल्पना भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारी रामचंद्र खान ने की थी। इस मंच का उद्देश्य समाज विज्ञान से जुड़े लेखकों को सम्मानित करना है। उन्होंने कहा कि श्री खान के तीसरे स्मृति समारोह में प्रगतिशील और वैचारिक लेखन के लिए प्रेम कुमार मणि को पुरस्कृत किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उनकी पुरस्कृत पुस्तक के अंदर भारत की विशिष्ट सांस्कतिक समझ निहित है।
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