, May 9 -- सचिव श्री पाल ने क्षेत्रीय पदाधिकारियों को पुलों का सघन सेफ्टी ऑडिट करने का निर्देश देते हुए कहा कि 72 घंटे के अंदर जांच रिपोर्ट पीएमएस पोर्टल पर अपलोड करें। उन्होंने कहा कि 60 मीटर से 250 मीटर तथा 250 मीटर से अधिक लंबाई वाले पुलों का विशेष सुरक्षा ऑडिट कराया जाएगा, जिसकी मुख्यालय स्तर से लगातार निगरानी होगी।उन्होंने निर्देश दिये कि बेयरिंग की स्थिति, गडर, स्पैन स्लैब, पाइल, ज्वाइंट की मजबूती, अप्रोच रोड की अद्यतन स्थिति एवं ड्रेनेज की सफाई सहित अन्य पहलुओं की बारीकी से जांच करें।

बैठक में आगामी मानसून को ध्यान में रखते हुए सभी कार्यपालक अभियंताओं को अलर्ट रहने और पुलों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। सचिव ने एनएच विंग को निर्देश दिये कि वे राष्ट्रीय राजमार्गों पर स्थित पुलों का सेफ्टी ऑडिट करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।

श्री पाल ने चेतावनी दी कि यदि किसी भी पुल में लापरवाही के कारण क्षति होती है, तो संबंधित क्षेत्र के कार्यपालक अभियंता के साथ-साथ मुख्यालय स्तर के अधिकारी भी समान रूप से जिम्मेदार माने जाएंगे और उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि विभाग का लक्ष्य राज्य के हर हिस्से में सुगम और सुरक्षित यातायात सुनिश्चित करना है।

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