, May 1 -- सचिव ने सभी पदाधिकारियों को निर्देश दिये हैं कि प्रत्येक 15 दिनों पर पंचायत स्तर पर भू-जल स्तर की नियमित जांच कर उसका प्रतिवेदन मुख्यालय को भेजना सुनिश्चित करें। जिन क्षेत्रों में भू-जल स्तर में गिरावट पाई जाती है, वहां अविलंब वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
सभी अभियंताओं एवं पदाधिकारियों को नियमित रूप से क्षेत्र भ्रमण कर जमीनी स्थिति का आकलन करने तथा जलापूर्ति से जुड़ी समस्याओं का तत्काल समाधान सुनिश्चित करने का निर्देश दिये गये हैं। अधीक्षण अभियंताओं को भी क्षेत्र में सक्रिय रहकर व्यवस्था की निरंतर निगरानी करने को कहा गया है।
कार्य में किसी प्रकार की शिथिलता या लापरवाही पाए जाने पर संबंधित पदाधिकारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। विभाग की ओर से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि लू की स्थिति में राज्य के प्रत्येक नागरिक को शुद्ध एवं पर्याप्त पेयजल की उपलब्धता हर हाल में बनी रहे।
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